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#जय श्री राम जय श्री हनुमान #108 बोले हनुमान जी गुरुप मे जय
जय श्री राम जय श्री हनुमान - ऊँ हनुमान चालीसा ऊँ कुबेर दिगपाल जहाँ ते। कबि कोबिद कहि जम सके कहाँ ते।। सुग्रीवहिं कीन्हा| राम मिलाय राज तुम उपकार दीन्हा। | এন मृत्यु के देवता यम , धन के देवता दशों दिशाओं के रक्षक अर्थात ತಷ, दिगपाल आदि भी आपके यश का गुणगान करने में असमर्थ हैं ऐसे में कैसे आपकी किर्ती का वर्णन कर सकते हैं। आपने विद्वान % 3R तो भगवान राम से मिलाकर पर उपकार किया, जिसके बाद उन्हें सुग्रीव राज्य प्राप्त हुआ| Subscribe & Follow Now @GhoomarAnchal ऊँ हनुमान चालीसा ऊँ कुबेर दिगपाल जहाँ ते। कबि कोबिद कहि जम सके कहाँ ते।। सुग्रीवहिं कीन्हा| राम मिलाय राज तुम उपकार दीन्हा। | এন मृत्यु के देवता यम , धन के देवता दशों दिशाओं के रक्षक अर्थात ತಷ, दिगपाल आदि भी आपके यश का गुणगान करने में असमर्थ हैं ऐसे में कैसे आपकी किर्ती का वर्णन कर सकते हैं। आपने विद्वान % 3R तो भगवान राम से मिलाकर पर उपकार किया, जिसके बाद उन्हें सुग्रीव राज्य प्राप्त हुआ| Subscribe & Follow Now @GhoomarAnchal - ShareChat