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#✍मेरे पसंदीदा लेखक #❤️जीवन की सीख
✍मेरे पसंदीदा लेखक - ஈfT के अन्तिम चरण में भगवान कल्कि का अवतार ब्रह्मणवंश में होगा।  तब तक कोई ब्रह्मणवंश वर्णसंकर होने से बचा रहेगा, तभी तो उस वंश में श्रीहरि अवतीर्ण होंगे।  इससे यह सिद्ध होता है कि प्रभु को वर्णादि के बीज की रक्षा कलिकालमें भी अभीष्ट है। वर्णधर्मादि की रक्षा के लिए तत्परता का अतः परिचय अवश्य देना चाहिए, कलि के नाम पर इनकी उपेक्षा कथमपि उचित नहीं। ~धर्म सम्राट स्वामी श्री करपात्री जी महाराज ஈfT के अन्तिम चरण में भगवान कल्कि का अवतार ब्रह्मणवंश में होगा।  तब तक कोई ब्रह्मणवंश वर्णसंकर होने से बचा रहेगा, तभी तो उस वंश में श्रीहरि अवतीर्ण होंगे।  इससे यह सिद्ध होता है कि प्रभु को वर्णादि के बीज की रक्षा कलिकालमें भी अभीष्ट है। वर्णधर्मादि की रक्षा के लिए तत्परता का अतः परिचय अवश्य देना चाहिए, कलि के नाम पर इनकी उपेक्षा कथमपि उचित नहीं। ~धर्म सम्राट स्वामी श्री करपात्री जी महाराज - ShareChat