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#🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #💔दर्द भरी कहानियां #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #🌙रात की शायरी✍ #✍मेरे पसंदीदा लेखक
🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ - कोई भी पूर्ण नहीं होता न मैं, न आप, न ही कोई और। ೫ೆ೯ ೯ ಗಾ शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं, तो ज़रूरी है कि हम स्वयं को जैसे हैं वैसे स्वीकार करें 9 और दूसरों को जैसे वे हैं, वैसा ही सम्मान दें। कोई भी पूर्ण नहीं होता न मैं, न आप, न ही कोई और। ೫ೆ೯ ೯ ಗಾ शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं, तो ज़रूरी है कि हम स्वयं को जैसे हैं वैसे स्वीकार करें 9 और दूसरों को जैसे वे हैं, वैसा ही सम्मान दें। - ShareChat