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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - *"ज़िंदगी से सिकवा नही की उसने गम का आदि बना दिया. IIX *"गिला तो उनसे हैं जिन्होंने IIX *" रोशनी की उम्मीद दिखा के दिया ही बुझा दिया. !!"* *"ज़िंदगी से सिकवा नही की उसने गम का आदि बना दिया. IIX *"गिला तो उनसे हैं जिन्होंने IIX *" रोशनी की उम्मीद दिखा के दिया ही बुझा दिया. !!"* - ShareChat