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"बुद्ध पथ" समाचारपत्र (उज्जैन/मध्य प्रदेश) #literature
literature - रैंक प्राप्त कर यह सफलता हासिल काो। अरूण ने मात अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता व गुरुजनों को बताया, उनके पिता सरकारी टीचर है व मॉ ग्रहणी है। अरुण वर्मा की इस उपलब्धि पर गांव में वर्मा खुशी का माहौल है।  देते हुए ] परिजनों , ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई उज्च्वल भविष्य की कामना की है। ग्रामीणों का कहना है कि अरुण वर्मा की सफलता से को प्रेरणा मिलेगी। तिलकपुर धाम आश्रम के पीठाश्वर महंत क्षेत्र के युवाओं सहपात बालक दास ने अरूण को शुभकामनाएं प्रेषित की और को शिक्षा युवाऔ की ओर अग्रसर होने के लिये प्रेरित किया ।अरुण ने पहली बार में राजस्थान मानवीय मूल्य संघर्ष में अकेले, सफ़ल होने पर मेले। अजीबो  गरीब, जग न बन पाया कभी रकीब। होना मत उदास, =2 जब भी विश्वास। ये ही दुनियादारी , जो चाहे बस तीमारदारी। गिराने को तैयार, 7; कर दरकिनार। संपूर्ण : मानवीः मूल्य बनें , खामख्वाह अतुल्य। লাপযা সা সন, हो जाये देखकर सुन्न। लेकिन बिन बवाल, पूछता अनगिनत सवाल। देती कर हताश, जवाबों की तलाश। मगर प्रत्येक पल, सीख जाता जीना गिल। बुद्ध पथ समाचा (बुद्ध पथ समाचार पत्र ৯ লিব)- उज्जैन। विग लेखिका=  गरुप की सक्रिय नवनीत যািল,' पुष्पा वर्मा जी क आगरा( उत्तर सहेलियों   द्वारा प्रदेश ) मालिक , प्रकाशक , मुद्रक नीलेश परमार द्वारा १५४ , ग्राम मलोड़ा , भाटपचलाना उच्चैन (म.प्र. ) पिनकोड ४५६३१३ से मुद्रित।  सम्पादक नीलेश परमार मो. रैंक प्राप्त कर यह सफलता हासिल काो। अरूण ने मात अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता व गुरुजनों को बताया, उनके पिता सरकारी टीचर है व मॉ ग्रहणी है। अरुण वर्मा की इस उपलब्धि पर गांव में वर्मा खुशी का माहौल है।  देते हुए ] परिजनों , ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई उज्च्वल भविष्य की कामना की है। ग्रामीणों का कहना है कि अरुण वर्मा की सफलता से को प्रेरणा मिलेगी। तिलकपुर धाम आश्रम के पीठाश्वर महंत क्षेत्र के युवाओं सहपात बालक दास ने अरूण को शुभकामनाएं प्रेषित की और को शिक्षा युवाऔ की ओर अग्रसर होने के लिये प्रेरित किया ।अरुण ने पहली बार में राजस्थान मानवीय मूल्य संघर्ष में अकेले, सफ़ल होने पर मेले। अजीबो  गरीब, जग न बन पाया कभी रकीब। होना मत उदास, =2 जब भी विश्वास। ये ही दुनियादारी , जो चाहे बस तीमारदारी। गिराने को तैयार, 7; कर दरकिनार। संपूर्ण : मानवीः मूल्य बनें , खामख्वाह अतुल्य। লাপযা সা সন, हो जाये देखकर सुन्न। लेकिन बिन बवाल, पूछता अनगिनत सवाल। देती कर हताश, जवाबों की तलाश। मगर प्रत्येक पल, सीख जाता जीना गिल। बुद्ध पथ समाचा (बुद्ध पथ समाचार पत्र ৯ লিব)- उज्जैन। विग लेखिका=  गरुप की सक्रिय नवनीत যািল,' पुष्पा वर्मा जी क आगरा( उत्तर सहेलियों   द्वारा प्रदेश ) मालिक , प्रकाशक , मुद्रक नीलेश परमार द्वारा १५४ , ग्राम मलोड़ा , भाटपचलाना उच्चैन (म.प्र. ) पिनकोड ४५६३१३ से मुद्रित।  सम्पादक नीलेश परमार मो. - ShareChat