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YeshuNasri.com - 909 RHuTF 16.19-17.16 ोथों से जाता है। 6 वह निर्जल देश के अधमरे पेड़ के अपनी समान होगा और कभी भलाई न देखेगा| वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा | धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार 7# 5 माना हा। 8 वह उस वृक्ष के समान होगा जो নি नदी के किनारे लगा हो और उसकी जड जल के पास फैली हो; जब धूप् होगी तब उसको न आकर f और लगेगी, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि क्या ) हीं हा वह तब भी फलता रहेगा।*१ : 193 मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा लोगों देनेवाला होता है॰ उस में असाध्य रोग लगा हैः उसका भेद कौन समझ सकता है ? १०९ मैं यहोवा और मन की खोजता और हृदय को जाँचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसको चाल चलन के अनसार ~ अर्थात् उसके कामों का फल दूँ। ' *२न और जों अन्याय सेधन बटोरता है वह उस तीतर के समान होता हैजो चि़ड़िया के * दूसरी वह दिए हुए अण्डों को सेती है, उसकी आधी आयु  के देयाँ में ही वह उस धन को छोड़ जाता है, और अन्त में वह मूढ़ ही ठहरता है। पास 909 RHuTF 16.19-17.16 ोथों से जाता है। 6 वह निर्जल देश के अधमरे पेड़ के अपनी समान होगा और कभी भलाई न देखेगा| वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा | धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार 7# 5 माना हा। 8 वह उस वृक्ष के समान होगा जो নি नदी के किनारे लगा हो और उसकी जड जल के पास फैली हो; जब धूप् होगी तब उसको न आकर f और लगेगी, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि क्या ) हीं हा वह तब भी फलता रहेगा।*१ : 193 मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा लोगों देनेवाला होता है॰ उस में असाध्य रोग लगा हैः उसका भेद कौन समझ सकता है ? १०९ मैं यहोवा और मन की खोजता और हृदय को जाँचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसको चाल चलन के अनसार ~ अर्थात् उसके कामों का फल दूँ। ' *२न और जों अन्याय सेधन बटोरता है वह उस तीतर के समान होता हैजो चि़ड़िया के * दूसरी वह दिए हुए अण्डों को सेती है, उसकी आधी आयु  के देयाँ में ही वह उस धन को छोड़ जाता है, और अन्त में वह मूढ़ ही ठहरता है। पास - ShareChat