ShareChat
click to see wallet page
search
#❤️जीवन की सीख #✍️ जीवन में बदलाव #jagatguru santrampal ji mahraj
❤️जीवन की सीख - Rrarcurch থামলী कबीर, यद्यपि उत्तम कर्म करि, रहै रहित अभिमान | साधु देखी सिर नावते, dped 3IGசஎII भावार्थः- अभिमान त्यागकर श्रेष्ठ कर्म करने चाहिऐं எ, 46 आता देखकर शीश झुकाकर प्रणाम तथा सम्मान करना चाहिए। जगतग़ुरु तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज JagatGuruRampalJi.org SatlokAshraushamliUP SatlokShamlup WWW  Rrarcurch থামলী कबीर, यद्यपि उत्तम कर्म करि, रहै रहित अभिमान | साधु देखी सिर नावते, dped 3IGசஎII भावार्थः- अभिमान त्यागकर श्रेष्ठ कर्म करने चाहिऐं எ, 46 आता देखकर शीश झुकाकर प्रणाम तथा सम्मान करना चाहिए। जगतग़ुरु तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज JagatGuruRampalJi.org SatlokAshraushamliUP SatlokShamlup WWW - ShareChat