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#भजन कीर्तन
भजन कीर्तन - राधा भजन राधा राधा राधा राधा तर्ज : रात श्याम मेरे सपने आयो पांव धरत ही, तन मन बोले- भूमि में ब्रज राधा राधा राधा राधा ।| गोवर्धन गिरि, ब्रजरज, यमुना, कण कण बोले राधा राधा० पशु पक्षी तरू फूल लताएं, कुंज कुंज बोले राधा राधा० छाछ दूध दहीं माखन मटकी, बंसी बोले-राधा राधा० निगमागम सुर सन्त भगत मुनि, जन गण बोले- राधा राधा० मधुर मधुर रस चाख मधुप हरि' रसना बोले যাঙা 0 राधा भजन राधा राधा राधा राधा तर्ज : रात श्याम मेरे सपने आयो पांव धरत ही, तन मन बोले- भूमि में ब्रज राधा राधा राधा राधा ।| गोवर्धन गिरि, ब्रजरज, यमुना, कण कण बोले राधा राधा० पशु पक्षी तरू फूल लताएं, कुंज कुंज बोले राधा राधा० छाछ दूध दहीं माखन मटकी, बंसी बोले-राधा राधा० निगमागम सुर सन्त भगत मुनि, जन गण बोले- राधा राधा० मधुर मधुर रस चाख मधुप हरि' रसना बोले যাঙা 0 - ShareChat