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#✍ਦੇਸ਼ ਭਗਤੀ ਸ਼ਾਇਰੀ ਤੇ ਕੋਟਸ🇮🇳
✍ਦੇਸ਼ ਭਗਤੀ ਸ਼ਾਇਰੀ ਤੇ ਕੋਟਸ🇮🇳 - जब भारत आज़ाद हुआ था जब भारत आज़ाद हुआ था आजादी का राज हुआ था वीरों ने ೩೫ कुरबानी तब भारत आज़ाद हुआ था भगत सिंह ने फांसी ली थी इंदिरा का जनाज़ा उठा था मिटटी की खुशबू ऐसी थी इस आँधी बहती थी ಕ೯೫ तब वतन का ज़ज्बा ऐसा था जो सबसे लड़ता जा रहा था लड़ते लडते जाने गयी थी " तब भारत आज़ाद हुआ था फिरंगियों ने ये वतन छोड़ा था इस देश के रिश्तों को तोडा था फिर भारत दो भागो में बाटा था एक हिस्सा हिन्दुस्तान था दूसरा पाकिस्तान कहलाया था सरहद नाम की रेखा खींची थी जिसे कोई पार ना कर पाया था ना जाने कितनी माये रोइ थी, ना जाने कितने बच्चे भूखे सोए थे, हम सब ने साथ रहकर एक ऐसा समय भी काटा था विरो ने क़ुरबानी दी थी तब भारत आज़ाद हुआ था जब भारत आज़ाद हुआ था जब भारत आज़ाद हुआ था आजादी का राज हुआ था वीरों ने ೩೫ कुरबानी तब भारत आज़ाद हुआ था भगत सिंह ने फांसी ली थी इंदिरा का जनाज़ा उठा था मिटटी की खुशबू ऐसी थी इस आँधी बहती थी ಕ೯೫ तब वतन का ज़ज्बा ऐसा था जो सबसे लड़ता जा रहा था लड़ते लडते जाने गयी थी तब भारत आज़ाद हुआ था फिरंगियों ने ये वतन छोड़ा था इस देश के रिश्तों को तोडा था फिर भारत दो भागो में बाटा था एक हिस्सा हिन्दुस्तान था दूसरा पाकिस्तान कहलाया था सरहद नाम की रेखा खींची थी जिसे कोई पार ना कर पाया था ना जाने कितनी माये रोइ थी, ना जाने कितने बच्चे भूखे सोए थे, हम सब ने साथ रहकर एक ऐसा समय भी काटा था विरो ने क़ुरबानी दी थी तब भारत आज़ाद हुआ था - ShareChat