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#❤️अस्सलामु अलैकुम ♥️
❤️अस्सलामु अलैकुम - (१ ). सबसे पहले अपने घर वालों और रिश्तेदारों की ज़रूरत पूरी करो, यह भी सदक़ा है। (२). ग़रीब, यतीम और बेसहारा लोगों को खाना खिलाना अल्लाह को बहुत पसंद है। (३). इल्म (ज्ञान) सिखाना और नेक नसीहत करना भी सदक़ा है। की मदद करना, मुस्कुराकर मिलना (4). दूसरों  चीज़ और रास्ते से नुक़सानदेह हटाना भी सदक़ा है। (५). दिल से और ख़ालिस नियत से दान करो, ताकि वह सिर्फ़ अल्लाह के लिए क़बूल हो। आख़िर में याद रखोः सदक़ा कभी माल को कम नहीं करता बल्कि बरकत और रहमत बढ़ाता है (१ ). सबसे पहले अपने घर वालों और रिश्तेदारों की ज़रूरत पूरी करो, यह भी सदक़ा है। (२). ग़रीब, यतीम और बेसहारा लोगों को खाना खिलाना अल्लाह को बहुत पसंद है। (३). इल्म (ज्ञान) सिखाना और नेक नसीहत करना भी सदक़ा है। की मदद करना, मुस्कुराकर मिलना (4). दूसरों  चीज़ और रास्ते से नुक़सानदेह हटाना भी सदक़ा है। (५). दिल से और ख़ालिस नियत से दान करो, ताकि वह सिर्फ़ अल्लाह के लिए क़बूल हो। आख़िर में याद रखोः सदक़ा कभी माल को कम नहीं करता बल्कि बरकत और रहमत बढ़ाता है - ShareChat