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#om shanti brahmakumari
om shanti   brahmakumari - मैं लकी और लवली आत्मा हूँ ಭನ aa सचमान8 योगाभ्यास मैं देहभान से परे आत्मा शान्तिधाम में चिश्व के मालिक, जगत नियंता के सम्मुख हूँ । मैं स्वयं को भाग्यविधाता परमात्मा की श्रेष्ठ पालना में बह्नुत लकी और लबली महसूस कर रही हूँ। ऐसी परमात्म प्यार की पालना लेकर मैं संसार के सर्व आत्माओं को दुआयें दे रही हूँ । सभी आत्मायें और दुलार का  अनुभय कर रही हें। दिल से यही आवाज निकल रही है॰ चाह यावा चाह!  सयये परमात्म प्यार बाह मेरा भाग्य वाह ! चिन्तन क्या मुझ्ने सदा नशा रहता है कि मैं कोढो में कोई विशेष आत्मा हूँ ? स्वयं भगवान ने मुझे चुना है। क्या मैं  अपने भाग्य का चिंतन कर भाग्य विधाता बाप की याद में लचलीन रहती हूँ ? BrN मैं लकी और लवली आत्मा हूँ ಭನ aa सचमान8 योगाभ्यास मैं देहभान से परे आत्मा शान्तिधाम में चिश्व के मालिक, जगत नियंता के सम्मुख हूँ । मैं स्वयं को भाग्यविधाता परमात्मा की श्रेष्ठ पालना में बह्नुत लकी और लबली महसूस कर रही हूँ। ऐसी परमात्म प्यार की पालना लेकर मैं संसार के सर्व आत्माओं को दुआयें दे रही हूँ । सभी आत्मायें और दुलार का  अनुभय कर रही हें। दिल से यही आवाज निकल रही है॰ चाह यावा चाह!  सयये परमात्म प्यार बाह मेरा भाग्य वाह ! चिन्तन क्या मुझ्ने सदा नशा रहता है कि मैं कोढो में कोई विशेष आत्मा हूँ ? स्वयं भगवान ने मुझे चुना है। क्या मैं  अपने भाग्य का चिंतन कर भाग्य विधाता बाप की याद में लचलीन रहती हूँ ? BrN - ShareChat