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#✍मिर्झा गालिब शायरी #🥰प्रेम कविता📝 #🖋शेरो-शायरी
✍मिर्झा गालिब शायरी - @ghalib_ghazals ज़रूरी नहीं मोहब्बतू में रोज़ बातें हो, ख़ामोशी से उसके मैसेज का इंतज़ार करना भी तो इश्क़ है॰ ग़ालिब " @ghalib_ghazals ज़रूरी नहीं मोहब्बतू में रोज़ बातें हो, ख़ामोशी से उसके मैसेज का इंतज़ार करना भी तो इश्क़ है॰ ग़ालिब - ShareChat