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#🖋कहानी: टूटे दिल की💔
🖋कहानी: टूटे दिल की💔 - थी पूछनी बात एक fag के बुढ़ापे किए बेटे पैदा  থ না? तो फिर शिकायतें 4f? बहै सहारा बेटा तो उम्मीदें बहू से क्यों ? पाल-्पोसकर बड़ा उसे किया, नाम उसका आगे बढ़ाया. सेवा की बारी आई पर तो उंगली बहू पर उठाया ? जब बेटा देर से आए *थक गया होगा़. " और बहू बैठ जाए पल भर को  संस्कार नहीं हैं. ೧೬ की लाठी अगर बेटा है, 4 तो कसौटी हर बार बहू ही क्यों? #4#48 बेटा कभी बड़ा नहीं होता, और बहू कभी अपनी नहीं होती. बस यही सोच घर तोड़ देती है। श्रेया भारद्वाज थी पूछनी बात एक fag के बुढ़ापे किए बेटे पैदा  থ না? तो फिर शिकायतें 4f? बहै सहारा बेटा तो उम्मीदें बहू से क्यों ? पाल-्पोसकर बड़ा उसे किया, नाम उसका आगे बढ़ाया. सेवा की बारी आई पर तो उंगली बहू पर उठाया ? जब बेटा देर से आए *थक गया होगा़. " और बहू बैठ जाए पल भर को  संस्कार नहीं हैं. ೧೬ की लाठी अगर बेटा है, 4 तो कसौटी हर बार बहू ही क्यों? #4#48 बेटा कभी बड़ा नहीं होता, और बहू कभी अपनी नहीं होती. बस यही सोच घर तोड़ देती है। श्रेया भारद्वाज - ShareChat