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"दैनिक यश बाबू" समाचारपत्र (कुरूक्षेत्र/हरियाणा) #साहित्य #हिंदी साहित्य #literature
साहित्य - IHI স17 कxत s९ फe  फ  ٢ हुकार 3 ক্িভূস का आज सेंट फाउंडेशन डे टैलेंट शो का कार्यक्रम का की छिपी हुई  मजबूरी की दीवार पर, কনো নথা व्यक्तित्व विक लिखा ' उम्मीद ' अल्फाज | था। कार्यक्रम तलाशता रहे अवसर  और आमंत्रित जाने अनजाने देकर आवाज| ने समारोह हो, कोसों दूर, बेशक जानकारी देते कहे हुजूर | मगर चलने को प्रीति गुप्ता ने हौंसले का हाथ थाम, समझाये चल ম হাস | शुभारंभ TT सुब्हो प्रज्वलन के নতাং होकर, न मिले, छोड़कर व्यर्थ सभी गिले। कहा कि शिक्ष सीमित नहीं है बढ़ना स्वयं के बलबूते, गतिविधियां भी आगे, त्याग स्वप्नलोक के गोते विकास में मह चमकेगा भांति दिनकर, हैं | उन्होंने विद्य बेबसी की आड़, गिराकर। को साकार कर बन शोला कभी शबनम, ఇళ్త! करने की प्रेरणा 8 भुलाकर प्रत्येक गम कक्षाओं के वि भले डरायें भयावह साये, चाहें तेरा वक्त निकल जाये। अभिनय कवि f4f4z5, 44 भर हुंकार ` सिंह' की तरह, सांस्कृतिक गिल ' बिन करे फ़ालतू जिरह T नवनीत गिल अपनी प्रतिभ IHI স17 कxत s९ फe  फ  ٢ हुकार 3 ক্িভূস का आज सेंट फाउंडेशन डे टैलेंट शो का कार्यक्रम का की छिपी हुई  मजबूरी की दीवार पर, কনো নথা व्यक्तित्व विक लिखा ' उम्मीद ' अल्फाज | था। कार्यक्रम तलाशता रहे अवसर  और आमंत्रित जाने अनजाने देकर आवाज| ने समारोह हो, कोसों दूर, बेशक जानकारी देते कहे हुजूर | मगर चलने को प्रीति गुप्ता ने हौंसले का हाथ थाम, समझाये चल ম হাস | शुभारंभ TT सुब्हो प्रज्वलन के নতাং होकर, न मिले, छोड़कर व्यर्थ सभी गिले। कहा कि शिक्ष सीमित नहीं है बढ़ना स्वयं के बलबूते, गतिविधियां भी आगे, त्याग स्वप्नलोक के गोते विकास में मह चमकेगा भांति दिनकर, हैं | उन्होंने विद्य बेबसी की आड़, गिराकर। को साकार कर बन शोला कभी शबनम, ఇళ్త! करने की प्रेरणा 8 भुलाकर प्रत्येक गम कक्षाओं के वि भले डरायें भयावह साये, चाहें तेरा वक्त निकल जाये। अभिनय कवि f4f4z5, 44 भर हुंकार ` सिंह' की तरह, सांस्कृतिक गिल ' बिन करे फ़ालतू जिरह T नवनीत गिल अपनी प्रतिभ - ShareChat