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newsinshort - सरकार में तैनात सभी त कर्मियों की तरहके संख्या बढ़कर हो गई करीब 9 लाख ५० हजार पटना ( आससे ) । राज्य में अभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित सरकार १० लाख सरकारी नौकरी के साथ ही एक करोड़ से अधिक रोजगार देने के लक्ष्य से कहीं आगे की कवायद जारी है। विभिन्न स्तर की सरकारी नौकरी लगातार उपलब्ध कराने को लेकर अलग- अलग महकमों के स्तर पर भी निरंतर प्रयास जारी है। इसी का नतीजा है कि पिछले २० वर्षों में बढ़ोतरी हुई है। মিক্চ ননন সনস সন্মো ক নতযস 13 अधिक को  # सत्र में पेश हुए आगामी वित्तीय वर्ष २०२६-२७ के बजट हाल में विधानमंडल में इससे संबंधित आंकड़ा प्रस्तुत किया गया है। वित्तीय वर्ष २००५ -०६ में प्रस्तुत किए जाने वाले राज्य के बजट में वेतन मद में महज 5 हजार १५२ करोड़ रुपए का प्रावधान हुआ करता था। वहीं , वित्तीय वर्ष २०२५- २६ में वेतन मद का आकार बढ़कर ५१ हजार ६९० करोड़ ব্রহীভ रुपए हो गया और २०२६- २७ में यह ७० हजार २२०  रुपए तक पहुंच गया राज्य में अब तक का वेतन मद में यह सबसे बडा बजट आकर है । इसी तरह पेंशन मद की राशि में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है । वर्तमान बजट में यह ३५ हजार  १७० करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो वेतन मद की आधी राशि है | जबकि, वित्तीय वर्ष २००५-०६ में पेंशन मद का बजट आकार महज 2 हजार ४५६ करोड़ रुपए हुआ करता था| वेतन मद की तरह ही इसमें भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वेतन मद में लगातार बढ़ते बजट आकर से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकारी नौकरियों में लोगों को काफी अवसर मिलते जा रहे हैं | सरकारी महकमों खासकर शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य जैसे अन्य में बड़ी संख्या में अलगङ्कअलग पदों पर लगातार बहाली की जा रही है। इसी का नतीजा है कि वर्तमान में सरकारी कर्मियों की संख्या बढ़कर करीब 9 लाख ५० हजार हो गई है। २० वर्ष पहले तक इनकी संख्या 3 से साढ़े 3 लाख तक ही हुआ करती थी | इसमें तीन गुणा से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है । सिर्फ पिछले दो वर्षों में शिक्षक, सिपाही समेत अन्य को मिलाकर 2 लाख से अधिक कर्मियों की बहाली की गई है।यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है @pravesh सरकार में तैनात सभी त कर्मियों की तरहके संख्या बढ़कर हो गई करीब 9 लाख ५० हजार पटना ( आससे ) । राज्य में अभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित सरकार १० लाख सरकारी नौकरी के साथ ही एक करोड़ से अधिक रोजगार देने के लक्ष्य से कहीं आगे की कवायद जारी है। विभिन्न स्तर की सरकारी नौकरी लगातार उपलब्ध कराने को लेकर अलग- अलग महकमों के स्तर पर भी निरंतर प्रयास जारी है। इसी का नतीजा है कि पिछले २० वर्षों में बढ़ोतरी हुई है। মিক্চ ননন সনস সন্মো ক নতযস 13 अधिक को  # सत्र में पेश हुए आगामी वित्तीय वर्ष २०२६-२७ के बजट हाल में विधानमंडल में इससे संबंधित आंकड़ा प्रस्तुत किया गया है। वित्तीय वर्ष २००५ -०६ में प्रस्तुत किए जाने वाले राज्य के बजट में वेतन मद में महज 5 हजार १५२ करोड़ रुपए का प्रावधान हुआ करता था। वहीं , वित्तीय वर्ष २०२५- २६ में वेतन मद का आकार बढ़कर ५१ हजार ६९० करोड़ ব্রহীভ रुपए हो गया और २०२६- २७ में यह ७० हजार २२०  रुपए तक पहुंच गया राज्य में अब तक का वेतन मद में यह सबसे बडा बजट आकर है । इसी तरह पेंशन मद की राशि में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है । वर्तमान बजट में यह ३५ हजार  १७० करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो वेतन मद की आधी राशि है | जबकि, वित्तीय वर्ष २००५-०६ में पेंशन मद का बजट आकार महज 2 हजार ४५६ करोड़ रुपए हुआ करता था| वेतन मद की तरह ही इसमें भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वेतन मद में लगातार बढ़ते बजट आकर से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकारी नौकरियों में लोगों को काफी अवसर मिलते जा रहे हैं | सरकारी महकमों खासकर शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य जैसे अन्य में बड़ी संख्या में अलगङ्कअलग पदों पर लगातार बहाली की जा रही है। इसी का नतीजा है कि वर्तमान में सरकारी कर्मियों की संख्या बढ़कर करीब 9 लाख ५० हजार हो गई है। २० वर्ष पहले तक इनकी संख्या 3 से साढ़े 3 लाख तक ही हुआ करती थी | इसमें तीन गुणा से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है । सिर्फ पिछले दो वर्षों में शिक्षक, सिपाही समेत अन्य को मिलाकर 2 लाख से अधिक कर्मियों की बहाली की गई है।यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है @pravesh - ShareChat