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#🛐रमजान करीम 🤲 #🤲हदीस🕌 #☪इस्लामी स्टेटस📝 #🤗रमजान स्पेशल😍🤝 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋
🛐रमजान करीम 🤲 - रमज़ान और आख़िरी रोज़़ा रमज़ान हमें हर साल एक मौका देता है कि हम अपने गुनाहों को छोड़कर नई जिंदगी शुरू करें। लेकिन हम में से कोई नहीं जानता कि यह रमज़ान हमारा आख़िरी रमज़ान भी हो सकता है। कितने लोग पिछले साल रोज़ा रख रहे थे, उनकी क़ब्रें ख़ामोश हैं। उनकी जगह मगर आज अब कोई और नमाज़ पढ रहा है। यही हक़ीक़त इंसान को झकझोर देती है। अगर यह हमारा रोज़़ा ] आख़िरी हो तो क्या हम इसे उसी एहसास के साथ रख रहे हैं? रमज़ान हमें सिखाता है कि आख़िरी समझकर रखो, हर दुआ दिल रोज़़ा ೯ से करो, और हर सजदे में अल्लाह से मग़फ़िरत माँगो | क्योंकि मौत को यह फर्क नहीं पड़ता कि হঁসান ঔমীব ট যা যাহীন मौत बस आ जाती ا है। समझदार वही है जो रमज़ान के हर दिन को अपनी आख़िरत की तैयारी बना ले। रमज़ान और आख़िरी रोज़़ा रमज़ान हमें हर साल एक मौका देता है कि हम अपने गुनाहों को छोड़कर नई जिंदगी शुरू करें। लेकिन हम में से कोई नहीं जानता कि यह रमज़ान हमारा आख़िरी रमज़ान भी हो सकता है। कितने लोग पिछले साल रोज़ा रख रहे थे, उनकी क़ब्रें ख़ामोश हैं। उनकी जगह मगर आज अब कोई और नमाज़ पढ रहा है। यही हक़ीक़त इंसान को झकझोर देती है। अगर यह हमारा रोज़़ा ] आख़िरी हो तो क्या हम इसे उसी एहसास के साथ रख रहे हैं? रमज़ान हमें सिखाता है कि आख़िरी समझकर रखो, हर दुआ दिल रोज़़ा ೯ से करो, और हर सजदे में अल्लाह से मग़फ़िरत माँगो | क्योंकि मौत को यह फर्क नहीं पड़ता कि হঁসান ঔমীব ট যা যাহীন मौत बस आ जाती ا है। समझदार वही है जो रमज़ान के हर दिन को अपनी आख़िरत की तैयारी बना ले। - ShareChat