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#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - ख़फ़ा भी रहते हो वफ़ा भी करते हो, पाना भी चाहते हो खोने 493de lಯ`ನ 9 ख़फ़ा भी रहते हो वफ़ा भी करते हो, पाना भी चाहते हो खोने 493de lಯ`ನ 9 - ShareChat