ShareChat
click to see wallet page
search
#✍🏻भारतीय संविधान📕 #📚एजुकेशनल ज्ञान📝
✍🏻भारतीय संविधान📕 - भारतीय संविधानः प्रमुख अनुच्छेद संसदः संरचना , गठन और सत्र अनुच्छेद ७९ः संसद के गठन का विवरण। अनुच्छेद ८०ः राज्यसभा की संरचना की व्याख्या। अनुच्छेद ८१ः लोकसभा की संरचना का उल्लेख। अनुच्छेद ८३ः संसद के दोनों सदनों की अवधि। লিব अनुच्छेद ८४: संसद सदस्यों के आवश्यक योग्यताएं। अनुच्छेद ८५ः संसद के सत्र बुलाना, सत्रावसान और विघटन। अनुच्छेद ८७ः राष्ट्रपति का विशेष अभिभाषण। मंत्रीपरिषद महान्यायवादी और कार्य संचालन को परामर्श देने हेतु मतिपरिषद का प्रावधान। अनुच्छेद ७४: राष्ट्रपति अनुच्छेद ७५ः मंत्रियों के बारे में अन्य उपबंध। अनुच्छेद ७६ः भारत के महान्यायवादी का पद। अनुच्छेद ७७ः भारत सरकार के कार्य संचालन के नियम्। को जानकारी देने के कर्तव्य। अनुच्छेद ७८ः प्रधानमंत्री के राष्ट्रपति के संबंध में मंत्रियों और महान्यायवादी के अधिकार। 3ಗ್ರಣ೯ 88: सदनों अतिरिक्त तथ्यः संसद (अनुच्छेद राष्ट्रपति, लोकसभा राज्यसभाः सभापति और उपसभापति ७९) में और राज्यसभा शामिल सभापति और उपसभापति। होते हैं। 89: যাতযমপা ক अनुच्छेद अनुच्छेद ९०ः उपसभापति पद का रिक्त होना या हटाना। अनुच्छेद ९१: सभापति के कर्तव्यों का पालन और शक्ति। अनुच्छेद ९२ः जब सभापति् या उपसभापति को हटाने का प्रस्ताव विचाराधीन हो, तब उनका पीठासीन न होना। भारतीय संविधानः प्रमुख अनुच्छेद संसदः संरचना , गठन और सत्र अनुच्छेद ७९ः संसद के गठन का विवरण। अनुच्छेद ८०ः राज्यसभा की संरचना की व्याख्या। अनुच्छेद ८१ः लोकसभा की संरचना का उल्लेख। अनुच्छेद ८३ः संसद के दोनों सदनों की अवधि। লিব अनुच्छेद ८४: संसद सदस्यों के आवश्यक योग्यताएं। अनुच्छेद ८५ः संसद के सत्र बुलाना, सत्रावसान और विघटन। अनुच्छेद ८७ः राष्ट्रपति का विशेष अभिभाषण। मंत्रीपरिषद महान्यायवादी और कार्य संचालन को परामर्श देने हेतु मतिपरिषद का प्रावधान। अनुच्छेद ७४: राष्ट्रपति अनुच्छेद ७५ः मंत्रियों के बारे में अन्य उपबंध। अनुच्छेद ७६ः भारत के महान्यायवादी का पद। अनुच्छेद ७७ः भारत सरकार के कार्य संचालन के नियम्। को जानकारी देने के कर्तव्य। अनुच्छेद ७८ः प्रधानमंत्री के राष्ट्रपति के संबंध में मंत्रियों और महान्यायवादी के अधिकार। 3ಗ್ರಣ೯ 88: सदनों अतिरिक्त तथ्यः संसद (अनुच्छेद राष्ट्रपति, लोकसभा राज्यसभाः सभापति और उपसभापति ७९) में और राज्यसभा शामिल सभापति और उपसभापति। होते हैं। 89: যাতযমপা ক अनुच्छेद अनुच्छेद ९०ः उपसभापति पद का रिक्त होना या हटाना। अनुच्छेद ९१: सभापति के कर्तव्यों का पालन और शक्ति। अनुच्छेद ९२ः जब सभापति् या उपसभापति को हटाने का प्रस्ताव विचाराधीन हो, तब उनका पीठासीन न होना। - ShareChat