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#quran #hadis #❤️अस्सलामु अलैकुम #islamic post #aaj ki achchi bat
quran - कुरआन में अल्लाह ने फ़रमाया हमने (इस कुरआन ) को शबे क़द्र में नाज़िल (करना शुरू) किया. और तुमको क्या मालूम शबे कद्र क्या है॰ शबे क़द्र ( मरतबा और अमल में) हज़ार महीनो से बेहतर है. इस ( रात) में फ़रिश्ते और जिबरील ( साल भर की) हर बात का हुक्म लेकर अपने परवरदिगार के हुक्म से नाज़िल होते हैं. ये रात सुबह के तुलूम होने तक सलामती है ! [सूरह क़द्र आयत १ ५] कुरआन में अल्लाह ने फ़रमाया हमने (इस कुरआन ) को शबे क़द्र में नाज़िल (करना शुरू) किया. और तुमको क्या मालूम शबे कद्र क्या है॰ शबे क़द्र ( मरतबा और अमल में) हज़ार महीनो से बेहतर है. इस ( रात) में फ़रिश्ते और जिबरील ( साल भर की) हर बात का हुक्म लेकर अपने परवरदिगार के हुक्म से नाज़िल होते हैं. ये रात सुबह के तुलूम होने तक सलामती है ! [सूरह क़द्र आयत १ ५] - ShareChat