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#✍️ अनसुनी शायरी मेरी शायरी।❤️‍🩹💘 👇👇👇👇👇👇✍️✍️✍️ बदला ना अपने आप को, दुनिया के हिसाब से। जो थे वही रहे, खाते रहे ठोकर, सहते रहे शब्दों के बाण जूठे। बदल न सके अपने आप को, जो थे वही रहे सहते रहे खामोश रहे । बदला ना अपने आप को दुनिया के हिसाब से जो थे वही रहे। उंगलियों उठी हमारे लिखने पर भी।। पर सुनते रहे खामोश रहे। बदला ना अपने आप को, जो थे वही रहे। ✍️✍️✍️✍️✍️✍️