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#मेरा अनुभव मेरे विचार
मेरा अनुभव मेरे विचार - बिनय न मानत जलधि जड, गए तीनि दिन बीति | बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीति ।। सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीती | सहज कृपन सन सुंदर नीती I। कहानी ममता र्त सन ज्ञान 1 अति लोभी सन बिरति बखानी ।। क्रोधिहि सम कामिहि हरिकथा बीज बएं फल जथा ऊसर 1 कहि zತuf चाप चढ़ावा | 3 यह मत लछिमन के मन भावा ।। काटेहिं पइ कदरी फरइ , कोटि जतन कोउ सींच बिनय न मान खगेस 33 , डाटेहिं पइ नव नीच ।। बिनय न मानत जलधि जड, गए तीनि दिन बीति | बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीति ।। सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीती | सहज कृपन सन सुंदर नीती I। कहानी ममता र्त सन ज्ञान 1 अति लोभी सन बिरति बखानी ।। क्रोधिहि सम कामिहि हरिकथा बीज बएं फल जथा ऊसर 1 कहि zತuf चाप चढ़ावा | 3 यह मत लछिमन के मन भावा ।। काटेहिं पइ कदरी फरइ , कोटि जतन कोउ सींच बिनय न मान खगेस 33 , डाटेहिं पइ नव नीच ।। - ShareChat