ShareChat
click to see wallet page
search
#कवि सम्मेलन #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस
कवि सम्मेलन - उदास सा पाता हूँ मैं काई दिन से 33 ना जाने कौन से सदमे उठा रही होे तुम वो शोख़ियाँ, वो तबस्सुम, वो कहकहे न रहे हर एक चीज़ को हसरत से देखती हो तुम छुपा छुपा के ख़मोशी में अपनी बेचैनी गई हो तुम ख़ुद अपने राज़ की ताशीर बन मेरी उम्मीद अगर मिट गई तो मिटने दो उम्मीद क्या है बस एक पास-ओ-पेश है कुछ भी नहीं मेरी हयात की ग़मग़ीनीओं का ग़म न करो ग़म हयात-ए-ग़म यक नक़्स है कुछ भी नहीं तुम अपने हुस्न की रानाईओं पर रहम करो वफ़ा फ़रेब तुल हवस है कुछ भी नहीं तग़ाफ़ुल से क्यूं शिकायत होे मुझे तुम्हारे मेरी फ़ना मीर एहसास का तक़ाज़ा है मैं जानता हूँ के का ख़ौफ़ है तुम को ர मुझे ख़बर है ये अजीब है दुनिया दुनिया यहाँ हयात के पर्दे में मौत चलती है शिकस्त साज़़ की आवाज़़ में रू नग़्मा है उदास सा पाता हूँ मैं काई दिन से 33 ना जाने कौन से सदमे उठा रही होे तुम वो शोख़ियाँ, वो तबस्सुम, वो कहकहे न रहे हर एक चीज़ को हसरत से देखती हो तुम छुपा छुपा के ख़मोशी में अपनी बेचैनी गई हो तुम ख़ुद अपने राज़ की ताशीर बन मेरी उम्मीद अगर मिट गई तो मिटने दो उम्मीद क्या है बस एक पास-ओ-पेश है कुछ भी नहीं मेरी हयात की ग़मग़ीनीओं का ग़म न करो ग़म हयात-ए-ग़म यक नक़्स है कुछ भी नहीं तुम अपने हुस्न की रानाईओं पर रहम करो वफ़ा फ़रेब तुल हवस है कुछ भी नहीं तग़ाफ़ुल से क्यूं शिकायत होे मुझे तुम्हारे मेरी फ़ना मीर एहसास का तक़ाज़ा है मैं जानता हूँ के का ख़ौफ़ है तुम को ர मुझे ख़बर है ये अजीब है दुनिया दुनिया यहाँ हयात के पर्दे में मौत चलती है शिकस्त साज़़ की आवाज़़ में रू नग़्मा है - ShareChat