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#santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - रोहतक भास्कर 28-02-2026 दैनिम भास्कर ३००वें बोध दिव्स पर सतलोक आश्रम में भव्य समागम लाखों शरद्वालु पहुंचे २६ से २८ जनवरी तक तीन दिवसीय आवेजन , दहेज नुव्त विवाह व सेवा कार्य रहे आकर्षण * रोहतक। संत गरीबदास  जी महाराज के ३००वें बोध दिवस के उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में २६ से २८ जनवरी तक देशनविदेश सहित के भारत 13 सतलोक आश्रमों में तीन दिवसीय भव्य समागम का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम सतलोक  आश्रम श्री धनाना धाम में आयोजित हुआ, जहां लाखों श्रद्धालुओं को उपस्थिति दर्ज को गईसमागम के दौरान भजन कोर्तन   एवं सत्सग आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया। हरियाणा सहित पंजाब पहुंचे।  राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सेभी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन में सामाजिक समरसता , नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरूकता पर विशेष बल दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसान , सामाजिक प्रतिनिधि, सरपंच और विभिन्रन संगठनों के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागित्ता  को।कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण दहेज मुक्त सामूहिक विवाह   रहा, जिसमें अनेक जोड़ों ने बिना दहेज के सादगोपूर्ण विवाह कर समाज को सकारात्मक  संदेश दिया। इसे सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध प्रभावशाली पहल बताया  गया।आश्रम परिसर में तीनों दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सेवा  कार्यों के अंतर्गत रक्तदान शिविर , निःशुल्क चिकित्सा व नेत्र जांच शिविर तथा  नशामुक्ति अभियान भी चलाए गए। आयोजकों के अनुसार समागम शांतिपूर्ण  और सुव्यवस्थित ढंग से हुआ " रोहतक भास्कर 28-02-2026 दैनिम भास्कर ३००वें बोध दिव्स पर सतलोक आश्रम में भव्य समागम लाखों शरद्वालु पहुंचे २६ से २८ जनवरी तक तीन दिवसीय आवेजन , दहेज नुव्त विवाह व सेवा कार्य रहे आकर्षण * रोहतक। संत गरीबदास  जी महाराज के ३००वें बोध दिवस के उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में २६ से २८ जनवरी तक देशनविदेश सहित के भारत 13 सतलोक आश्रमों में तीन दिवसीय भव्य समागम का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम सतलोक  आश्रम श्री धनाना धाम में आयोजित हुआ, जहां लाखों श्रद्धालुओं को उपस्थिति दर्ज को गईसमागम के दौरान भजन कोर्तन   एवं सत्सग आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया। हरियाणा सहित पंजाब पहुंचे।  राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सेभी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन में सामाजिक समरसता , नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरूकता पर विशेष बल दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसान , सामाजिक प्रतिनिधि, सरपंच और विभिन्रन संगठनों के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागित्ता  को।कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण दहेज मुक्त सामूहिक विवाह   रहा, जिसमें अनेक जोड़ों ने बिना दहेज के सादगोपूर्ण विवाह कर समाज को सकारात्मक  संदेश दिया। इसे सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध प्रभावशाली पहल बताया  गया।आश्रम परिसर में तीनों दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सेवा  कार्यों के अंतर्गत रक्तदान शिविर , निःशुल्क चिकित्सा व नेत्र जांच शिविर तथा  नशामुक्ति अभियान भी चलाए गए। आयोजकों के अनुसार समागम शांतिपूर्ण  और सुव्यवस्थित ढंग से हुआ " - ShareChat