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#❤️अस्सलामु अलैकुम #🤲 दुआएं #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 इबादत #🕋जुम्मा मुबारक🤲
❤️अस्सलामु अलैकुम - में ये मंज़र क्यों है.. तेरी इस द्ुनिया कहीं अपनापन तो कहीं पीठ पीछे रखंजरक्यों है... है तू इस रसंसार के हर जरें में रहता हैः सुना फिरज़मीन परकहीं भस्जिद कहीं मंदिर क्यों है. के हर बन्दैे तेरेहैं বালী ব্ুনিযা रहने जब फिर कोई दोस्त तो कोई दुश्मन क्यो है. लिखता है हर किसी का मुकद्दर 6} फिर कोई बदनसीब, 1 और कोई मुकद्दर का सिकंदर क्यों है. share में ये मंज़र क्यों है.. तेरी इस द्ुनिया कहीं अपनापन तो कहीं पीठ पीछे रखंजरक्यों है... है तू इस रसंसार के हर जरें में रहता हैः सुना फिरज़मीन परकहीं भस्जिद कहीं मंदिर क्यों है. के हर बन्दैे तेरेहैं বালী ব্ুনিযা रहने जब फिर कोई दोस्त तो कोई दुश्मन क्यो है. लिखता है हर किसी का मुकद्दर 6} फिर कोई बदनसीब, 1 और कोई मुकद्दर का सिकंदर क्यों है. share - ShareChat