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#📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - पहले लगता था की रिश्तों को संभाल कर रखना ২মিং अब समझ आया की जो अपना होता है वो खुद संभल जाता है। पहले लगता था की रिश्तों को संभाल कर रखना ২মিং अब समझ आया की जो अपना होता है वो खुद संभल जाता है। - ShareChat