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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #🥰Express Emotion
✍️ साहित्य एवं शायरी - Reels ہ ےتھکل انار رّونم ںیب یتوم حرط یکںوریغ ےلسوہ ےتسر یرهھک ہ یتوج حرظ یک ںودوپ ےکناهد ںایکڑل घर में रहते हुए ग़ैरों की तरह होती हॅ लड़कियाँ धान के पौदों की तरह होती है یہ یتئاج یلچرود تہبزور کا ےکڑا ೮೦' ೨೦?0;t3> ೆ उड के इक रोज बहुत বলী সনী ৪ ব্ি্বিব্বাঁ @ घर की शाख़ों पेये की तरह होती है ೦೦೨೬ ಯ೮i೮: ೮*೮ ೮ ~ಬ u cr cu7 ಯ೫೦ सहमी सहमी हूई रहती है मकान-ए-दिल में आरजूएँ भी ग़रीबों की तरह होती हॅ ی ےکا ںہ یتاجرھکب یهب ەیرک ٹوُٹ سیلوم حرط یک لودنورهک یهب ںیدیمار भी बिखर जाती हॅ इक लम्हे में ट्रूट कर ये 796 कुछ उमीदें भी घरोंदों की तरह होती हॅ رظن ےیتٹپ تقو سج ےکس ھکیدوک پآ س یتوہب حرط یک ںوهکنآ یرم ںیھکنآا आप को देख के जिस वक़्त पलटती है नजर मेरी आँखें मिरी आँखों की तरह होती हॅ Reels ہ ےتھکل انار رّونم ںیب یتوم حرط یکںوریغ ےلسوہ ےتسر یرهھک ہ یتوج حرظ یک ںودوپ ےکناهد ںایکڑل घर में रहते हुए ग़ैरों की तरह होती हॅ लड़कियाँ धान के पौदों की तरह होती है یہ یتئاج یلچرود تہبزور کا ےکڑا ೮೦' ೨೦?0;t3> ೆ उड के इक रोज बहुत বলী সনী ৪ ব্ি্বিব্বাঁ @ घर की शाख़ों पेये की तरह होती है ೦೦೨೬ ಯ೮i೮: ೮*೮ ೮ ~ಬ u cr cu7 ಯ೫೦ सहमी सहमी हूई रहती है मकान-ए-दिल में आरजूएँ भी ग़रीबों की तरह होती हॅ ی ےکا ںہ یتاجرھکب یهب ەیرک ٹوُٹ سیلوم حرط یک لودنورهک یهب ںیدیمار भी बिखर जाती हॅ इक लम्हे में ट्रूट कर ये 796 कुछ उमीदें भी घरोंदों की तरह होती हॅ رظن ےیتٹپ تقو سج ےکس ھکیدوک پآ س یتوہب حرط یک ںوهکنآ یرم ںیھکنآا आप को देख के जिस वक़्त पलटती है नजर मेरी आँखें मिरी आँखों की तरह होती हॅ - ShareChat