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🔹हरि आये हरियाणे नू सन 1727 फाल्गुन मास सुदी द्वादशी को संत गरीबदास जी महाराज को 10 वर्ष की आयु में परमेश्वर कबीर साहेब हरियाणा में आकर जिंदा बाबा के रूप में मिले। अपने साथ ऊपर के सभी लोकों को दिखाकर सतलोक में अपने वास्तविक रूप के दर्शन भी कराए। फिर ज्ञान उपदेश व नामदीक्षा देकर सत भक्ति करने के लिए पुनः पृथ्वी पर भेज दिया। #संत रामपाल महाराज
संत रामपाल महाराज - तीशापे तपणेतूं নিলা छुड़ानी, झज्चर, हरियाणा में जन्मे संत गरीबदास जी को परमेश्वर ग्राम कबीर साहिब जी जिंदा बाबा रूप में सतलोक से आकर विक्रमी संवत् १७८४, सन् को मिले थे। इसीलिए संत १७२७ में फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष 149 गरीबदास जी ने कहा हैः सर्व कला सतगुरु साहेब की॰ हरि आए हरियाणे नूँ।  # 53` उन्हीं परमेश्वर के अवतार संत रामपाल जी का अवतरण हरियाणा प्रांत है जिनके विषय में आदरणीय संत गरीबदास जी ने अपनी अमरवाणी में कहा हैः फिरदा  दाणें दाणें नू। पूर्व-पश्चिम उत्तर दक्षिण, क्यों सर्ब कला सतगुरु साहेब की हरि आए हरियाणे नू।। Sant Rampal JI YOUTUBE [Vte Buue : Maharaj CHANNEL 749,6001025| तीशापे तपणेतूं নিলা छुड़ानी, झज्चर, हरियाणा में जन्मे संत गरीबदास जी को परमेश्वर ग्राम कबीर साहिब जी जिंदा बाबा रूप में सतलोक से आकर विक्रमी संवत् १७८४, सन् को मिले थे। इसीलिए संत १७२७ में फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष 149 गरीबदास जी ने कहा हैः सर्व कला सतगुरु साहेब की॰ हरि आए हरियाणे नूँ।  # 53` उन्हीं परमेश्वर के अवतार संत रामपाल जी का अवतरण हरियाणा प्रांत है जिनके विषय में आदरणीय संत गरीबदास जी ने अपनी अमरवाणी में कहा हैः फिरदा  दाणें दाणें नू। पूर्व-पश्चिम उत्तर दक्षिण, क्यों सर्ब कला सतगुरु साहेब की हरि आए हरियाणे नू।। Sant Rampal JI YOUTUBE [Vte Buue : Maharaj CHANNEL 749,6001025| - ShareChat