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माँ शैलपुत्री का स्वरूप अत्यंत सौम्य और शांत है। `उनके स्वरूप की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:` *वाहनः* वे वृषभ (बैल) पर सवार रहती हैं, इसलिए उन्हें 'वृषारूढ़ा' भी कहा जाता है। *शस्त्र:* उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का फूल सुशोभित है। *मुकुटः* उनके माथे पर अर्धचंद्र विराजमान है। *पौराणिक कथा*- अपने पूर्व जन्म में वे राजा दक्ष की पुत्री सती थीं और उनका विवाह भगवान शिव से हुआ था। जब राजा दक्ष ने एक महायज्ञ में शिव जी का अपमान किया, तो सती ने योगाग्नि में स्वयं को भस्म कर लिया। अगले जन्म में उन्होंने हिमालय राज के घर जन्म लिया और पुनः कठोर तपस्या करके भगवान शिव को प्राप्त किया। #shortvideo #comingsoon #viralvideo #trending #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें Follow me 👇 Sharechat user ID 👉 @Shaurya Gupta Moj user ID 👉@haharmahadev123456 MojLive user ID👉 @bhaktishindustaiofficial
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