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#om shanti brahmakumari
om shanti   brahmakumari - वरदानः अपने असली संस्कारों को इमर्ज कर सदा हर्षित रहने वाले ज्ञान स्वरूप भव जो बच्चे ज्ञान का सिमरण कर उसका स्वरूप बनते हैं वह सदा हर्षित रहते हैं। सदा हर्षित रहना-यह ब्राह्मण जीवन का असली संस्कार है | दिव्य गुण अपनी चीज है, अवगुण  माया की चीज है जो संगदोष से आ गये हैं। अब उसे पीठ दे और अपने आलमाइटी अथॉरिटी की पोजीशन पर रहो নী सदा हर्षित रहेंगे। कोई भी आसुरी वा व्यर्थ संस्कार सामने आने की हिम्मत भी नहीं रख सकेंगे का लक्ष्य सामने रखो तो संकल्प में भी TITT:- सम्पूर्णता  कोई आकर्षण आकर्षित नहीं कर सकती | शुभ   विचार:- बने बनाये को समझकर ड्रामा इस निश्चिन्तता से नव जीवन का आह्वान करो। ये अव्यक्त इशारे एकता और विश्वास की विशेषता द्वारा सफलता सम्पन्न बनो एकता के लिए एक रूहानी ताबीज सदा अपने पास रखना कि रिगार्ड देना ही रिगार्ड लेना है। यह रिगार्ड का रिकार्ड सफलता का अविनाशी रिकार्ड हो जायेगा| मुख पर एक ही सफलता का मन्त्र हो " पहले आप ' यह महामन्त्र मन से पक्का रहे। यथार्थ रूप से पहले मैं को मिटाकर दूसरे को आगे बढ़ाना सो अपना बढ़ना समझते हुए इस महामन्त्र को आगे बढ़ाते सफलता को पाते रहो, यह मन्त्र और ताबीज सदा साथ रहे तो प्रत्यक्षता का नगाड़ा़ बज जायेगा | वरदानः अपने असली संस्कारों को इमर्ज कर सदा हर्षित रहने वाले ज्ञान स्वरूप भव जो बच्चे ज्ञान का सिमरण कर उसका स्वरूप बनते हैं वह सदा हर्षित रहते हैं। सदा हर्षित रहना-यह ब्राह्मण जीवन का असली संस्कार है | दिव्य गुण अपनी चीज है, अवगुण  माया की चीज है जो संगदोष से आ गये हैं। अब उसे पीठ दे और अपने आलमाइटी अथॉरिटी की पोजीशन पर रहो নী सदा हर्षित रहेंगे। कोई भी आसुरी वा व्यर्थ संस्कार सामने आने की हिम्मत भी नहीं रख सकेंगे का लक्ष्य सामने रखो तो संकल्प में भी TITT:- सम्पूर्णता  कोई आकर्षण आकर्षित नहीं कर सकती | शुभ   विचार:- बने बनाये को समझकर ड्रामा इस निश्चिन्तता से नव जीवन का आह्वान करो। ये अव्यक्त इशारे एकता और विश्वास की विशेषता द्वारा सफलता सम्पन्न बनो एकता के लिए एक रूहानी ताबीज सदा अपने पास रखना कि रिगार्ड देना ही रिगार्ड लेना है। यह रिगार्ड का रिकार्ड सफलता का अविनाशी रिकार्ड हो जायेगा| मुख पर एक ही सफलता का मन्त्र हो " पहले आप ' यह महामन्त्र मन से पक्का रहे। यथार्थ रूप से पहले मैं को मिटाकर दूसरे को आगे बढ़ाना सो अपना बढ़ना समझते हुए इस महामन्त्र को आगे बढ़ाते सफलता को पाते रहो, यह मन्त्र और ताबीज सदा साथ रहे तो प्रत्यक्षता का नगाड़ा़ बज जायेगा | - ShareChat