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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🌞 Good Morning🌞 #💓 मोहब्बत दिल से
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - सप्तशती पाठ शास्त्रोक्त विधि, संपुट और उद्यापन కౌTf: माँ भगवती की ऊर्जा से जुड़ने की संपूर्ण साधना SECTION १ः पाठ की अवधि (कितने दिनों तक करें?) एकदिवसीय पारायणः विशेष कठिन संकल्पों हेतु सभी १३ अध्याय एक ही दिन में तीन दिवसीय पाठः पहला दिन - १, दूसरा दिन ~ २ से ४, तीसरा दिन - ५ से १३ अध्याय नौ दिवसीय (नवाहन) विधिः प्रथम - १, द्वितीय - २, ३, तृतीय - ४, चतुर्थ - ५ से 8, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र व क्षमा प्रार्थना पंचम - ९, १०, षष्ठ ११, सप्तम 12, 3Eস - 13, নবস - SECTION २: मनोकामनाओं के लिए विशेष संपुट (गीता प्रेस परंपरा अनुसार ) " सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः... ' मुक्तिः बाधा रोग मुक्तिः " रोगानशेषानपहंसि तुष्टा... भय नाशः " सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते...  सर्वकल्याणः चतुर्थ अध्याय का पाठ " सर्वमंगल मांगल्ये...' ক মাথ SECTION 3: ও8া9ন বিখি (পুতনিি কা বিখান)  नवाण मंत्र या सप्तशती मंत्रों से घी, शहद और काले तिल का प्रयोग  आहुतियाँ  हवनः १०८ कन्या पूजनः 2 से १० वर्ष की कन्याएँ लाल वस्त्र श्रृंगार दान नवमी तिथि श्रेष्ठ क्षमा प्रार्थनाः अपराधक्षमापन स्तोत्र' का पाठ अनिवार्य SECTION ४ः अंग' पाठ का अनिवार्य महत्व शापोद्धारः "ऊँ हीं क्लीं श्रीं वं सः... " (भगवान शिव द्वारा कीलन विमोचन) वैकृतिक रहस्य, मूर्ति रहस्य  रहस्य पाठः प्राधनिक रहस्य ,  कुंजिका स्तोत्रः समयाभाव में पूरी सप्तशती के समान फलदायी Ra SECTION ५: सावधानियाँ और नियम उच्चारणः संस्कृत कठिन हो तो हिंदी अर्थ सहित पाठ करें माँ भाव देखती हैं दीपकः अखंड ज्योति या घी का दीपक पूरे पाठ में प्रज्वलित रहे आसनः लाल कंबल या ऊनी आसन ऊर्जा संरक्षण हेतु आवश्यक फलः श्रद्धा से किया गया पाठ दरिद्रता , कलह और भय का नाश करता है इसे " कामधेनु " के समान माना गया है दुर्गा सप्तशती सांसारिक सिद्धि और आध्यात्मिक मुक्ति - दोनों का मार्ग है सप्तशती पाठ शास्त्रोक्त विधि, संपुट और उद्यापन కౌTf: माँ भगवती की ऊर्जा से जुड़ने की संपूर्ण साधना SECTION १ः पाठ की अवधि (कितने दिनों तक करें?) एकदिवसीय पारायणः विशेष कठिन संकल्पों हेतु सभी १३ अध्याय एक ही दिन में तीन दिवसीय पाठः पहला दिन - १, दूसरा दिन ~ २ से ४, तीसरा दिन - ५ से १३ अध्याय नौ दिवसीय (नवाहन) विधिः प्रथम - १, द्वितीय - २, ३, तृतीय - ४, चतुर्थ - ५ से 8, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र व क्षमा प्रार्थना पंचम - ९, १०, षष्ठ ११, सप्तम 12, 3Eস - 13, নবস - SECTION २: मनोकामनाओं के लिए विशेष संपुट (गीता प्रेस परंपरा अनुसार ) " सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः... ' मुक्तिः बाधा रोग मुक्तिः " रोगानशेषानपहंसि तुष्टा... भय नाशः " सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते...  सर्वकल्याणः चतुर्थ अध्याय का पाठ " सर्वमंगल मांगल्ये...' ক মাথ SECTION 3: ও8া9ন বিখি (পুতনিি কা বিখান)  नवाण मंत्र या सप्तशती मंत्रों से घी, शहद और काले तिल का प्रयोग  आहुतियाँ  हवनः १०८ कन्या पूजनः 2 से १० वर्ष की कन्याएँ लाल वस्त्र श्रृंगार दान नवमी तिथि श्रेष्ठ क्षमा प्रार्थनाः अपराधक्षमापन स्तोत्र' का पाठ अनिवार्य SECTION ४ः अंग' पाठ का अनिवार्य महत्व शापोद्धारः "ऊँ हीं क्लीं श्रीं वं सः... " (भगवान शिव द्वारा कीलन विमोचन) वैकृतिक रहस्य, मूर्ति रहस्य  रहस्य पाठः प्राधनिक रहस्य ,  कुंजिका स्तोत्रः समयाभाव में पूरी सप्तशती के समान फलदायी Ra SECTION ५: सावधानियाँ और नियम उच्चारणः संस्कृत कठिन हो तो हिंदी अर्थ सहित पाठ करें माँ भाव देखती हैं दीपकः अखंड ज्योति या घी का दीपक पूरे पाठ में प्रज्वलित रहे आसनः लाल कंबल या ऊनी आसन ऊर्जा संरक्षण हेतु आवश्यक फलः श्रद्धा से किया गया पाठ दरिद्रता , कलह और भय का नाश करता है इसे " कामधेनु " के समान माना गया है दुर्गा सप्तशती सांसारिक सिद्धि और आध्यात्मिक मुक्ति - दोनों का मार्ग है - ShareChat