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जय श्री राम #हनुमान जी #हनुमान के भक्त
हनुमान जी - हनुमान ने अंगद মহিক  को क्या सीख दी ? लंका के दरबार में जाने से पहले अंगद हनुमान के पास पहुंचे और कहा कि आप तो पहले भी वहां जा  चुके हैं और र्मैं पहली बारजा रहा हं। आप बताइए, मुझे वहां जाकर क्या और कैसे करना है ? हनुमान ने कहा किजो भी काम करो , शांति और धैर्य के साथ करो। ऐसा पराक्रम दिखाना , जिससे शत्रु भयभीत हो जाए। जय अंगद रावण के दरबार में पहुंचे तो रावण ने अंगद का अपमान करना शुरू कर दिया। ही अंगद समझ गए कि हनुमान जी ने ये बातें सुनते शांति और धैर्य बनाए रखने के लिए क्यों कहा था। सुनने के बाद अंगद ने रावण की अपमानजनक बार्तें  भी धैर्य नहीं छोडा। अंगद ने दरबार में ऐसा पराक्रम दिखाया कि रावण के सभी दरबारी उससे डर गए। सीख हमें किसी भी स्थिति में धैर्य नहों छोडना चाहिए और बड़े काम करने से पहले सही व्यक्ति से मार्गदर्शन जरूर लेना चाहिए, तभी सफलता मिलती है। हनुमान ने अंगद মহিক  को क्या सीख दी ? लंका के दरबार में जाने से पहले अंगद हनुमान के पास पहुंचे और कहा कि आप तो पहले भी वहां जा  चुके हैं और र्मैं पहली बारजा रहा हं। आप बताइए, मुझे वहां जाकर क्या और कैसे करना है ? हनुमान ने कहा किजो भी काम करो , शांति और धैर्य के साथ करो। ऐसा पराक्रम दिखाना , जिससे शत्रु भयभीत हो जाए। जय अंगद रावण के दरबार में पहुंचे तो रावण ने अंगद का अपमान करना शुरू कर दिया। ही अंगद समझ गए कि हनुमान जी ने ये बातें सुनते शांति और धैर्य बनाए रखने के लिए क्यों कहा था। सुनने के बाद अंगद ने रावण की अपमानजनक बार्तें  भी धैर्य नहीं छोडा। अंगद ने दरबार में ऐसा पराक्रम दिखाया कि रावण के सभी दरबारी उससे डर गए। सीख हमें किसी भी स्थिति में धैर्य नहों छोडना चाहिए और बड़े काम करने से पहले सही व्यक्ति से मार्गदर्शन जरूर लेना चाहिए, तभी सफलता मिलती है। - ShareChat