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#🥀Sed Shayari 💔🥀 #शायरी की डायरी #shayari
🥀Sed Shayari 💔🥀 - Rll 5 .ill (40 3:04 {] 700 हम किसी की ज़रुरत हो सकते हैं, आदत हो सकते हैं लेकिन हक़ीक़त में हम किसी के लिए उतनें जिरूरी भी नहीं होते जितना हम समझ लेते हैं॰ 00 ~ > Rll 5 .ill (40 3:04 {] 700 हम किसी की ज़रुरत हो सकते हैं, आदत हो सकते हैं लेकिन हक़ीक़त में हम किसी के लिए उतनें जिरूरी भी नहीं होते जितना हम समझ लेते हैं॰ 00 ~ > - ShareChat