अभी भी देर नहीं, जाग सको तो जागो योद्धा,
वरना वो दिन दूर नहीं—ज़ंजीरें होंगी फिर हाथों में।
हटी नहीं अगर UGC, तो संघर्ष और तेज़ बढ़ेगा,
कलम, कक्षा, भविष्य—हर एक पर पहरा सख़्त पड़ेगा।
अभी भी देर नहीं, जागो और सच को पहचानो,
वरना इतिहास गवाह बनेगा— गुलामी में फिर नाम लिखवाओ।
हटी नहीं अगर यूजीसी, तो सवाल सौ बार उठेंगे,
अधिकारों की इस लड़ाई में, हम चुप कैसे रहेंगे?
हम लड़ते रहेंगे। जागो योद्धा, समय पुकारे— आज नहीं तो कब?
हटी नहीं अगर UGC, तो आवाज़ बनेंगे हम सब। हटी नहीं अगर यूजीसी,
तो आग सवालों में होगी, हर छात्र की साँस में अब सिर्फ़ इन्क़लाब होगी।
मत कहो “वक़्त नहीं है”, यही वक़्त की चाल है, हर टलता हुआ विरोध,
ज़ंजीरों का जाल है। हटी नहीं अगर UGC, तो सड़कों पर नाम लिखेंगे, जो सुने नहीं सदन में, वो दीवारों पर टाँकेंगे। इतिहास माफ़ नहीं करता—जो चुप रहकर हारे, गुलामी की हर इबारत, ऐसे ही लोगों ने उतारे। हटी नहीं अगर यूजीसी, तो क़ीमत चुकानी होगी, या तो आज लड़ाई होगी—या कल बर्बादी होगी। जागो योद्धा! ये लाठी नहीं, डर का राज टूटेगा, हटी नहीं अगर UGC—तो हर छात्र विद्रोह बनेगा। 💪🏽🔥💥🎯👏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏 माँ वैष्णो देवी #🙏शाम की आरती🪔 #🙏कर्म क्या है❓ #🤗जया किशोरी जी🕉️


