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🙏 *ये मस्त उम्र फिर नहीं आएगी* 🙏 *दोस्तों ये मस्त उम्र फिर नहीं आएगी* *जब शने-शने उम्र हमारी बढ जाएगी* *इत्र की जगह आयोडेक्स* *की खुशबू ही आयेगी* *मै कहता हूँ अब भी* *मिल लिया करो गार्डन में दोस्तों से* *ये घड़ियाँ पलट कर नहीं आयेगी* *अभी तो आंखों में नूर है बाकी* *फिर खूबसूरती नजर नहीं आएगी* *अभी तो यार है चलते अपने साथ* *फिर केवल छडी ही साथ नजर आएगी* *अब भी सुन लो आवाज दोस्तों की* *फिर बाद में कानों में मशीन नजर आएगी* *हंस लो खिलखिलाट आज गार्डन में* *फिर तो नकली बत्तीसी ही* *आप को झलक दिखलाएगी* *जब दोस्तों गार्डन में बुलाए चले जाओ* *फिर बाद में डॉक्टर से फुर्सत न मिल पायेगी* *समज जाओ यारो, समज जाओ* *ये मस्त उम्र फिर नहीं आएगी !* 🙏 *दोस्तों को समर्पित !* 🙏 #कविता की कविता