ShareChat
click to see wallet page
search
#🖋ग़ालिब की शायरी ##️⃣DilShayarana💘 #✍️ साहित्य एवं शायरी #👍स्पेशल शायरी🖋 #💞Heart touching शायरी✍️
🖋ग़ालिब की शायरी - चेहरा देख कर इंसान पहचानने की कला थी मुझमें, तकलीफ़ तो तब हुई जब इन्सानों के पास चेहरे बहुत थे! 1f vou 11k6 ny quoto' $ 30 Do ubacribe for neH update' 5. !!! चेहरा देख कर इंसान पहचानने की कला थी मुझमें, तकलीफ़ तो तब हुई जब इन्सानों के पास चेहरे बहुत थे! 1f vou 11k6 ny quoto' $ 30 Do ubacribe for neH update' 5. !!! - ShareChat