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#❤️जीवन की सीख #🙏प्रातः वंदन #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏राम राम जी #👌 आत्मविश्वास
❤️जीवन की सीख - बुरे की पहचान राज्य मे एक ऐसा व्यक्ति एक राजा को जब पता चला कि मेरे है जिसका सुबह-सुबह मुख देखने से दिन भर भोजन नही मिलता है। सच्चाई जानने के इच्छा से उस व्यक्ति को राजा ने अपने साथ सुलाया। दिन राजा की व्यस्तता ऐसी बढ़ी कि राजा शाम तक भोजन दूसरे  नही कर सका। इस बात से क्रुद्ध होकर राजा ने उसे तत्काल फाँसी का दण्ड देने का का ऐलान कर दिया। आखिरी इच्छा के अंतर्गत उस व्यक्ति ने कहा- 'राजन ! मेरा मुँह देखने से आप को शाम तक भोजन नही मिला, आप का मुँह देखने से मुझे मौत मिलने वाली है। किन्तु - ही लज्जित राजा को सन्त वाणी याद आ गई। सुनते इतना देखण मैं चला , बुरा न मिलया कोय। बुरा जो जो दिल खोजा आपणा , मुझ से बुरा न कोय। । जय जय श्री राधे ७० बुरे की पहचान राज्य मे एक ऐसा व्यक्ति एक राजा को जब पता चला कि मेरे है जिसका सुबह-सुबह मुख देखने से दिन भर भोजन नही मिलता है। सच्चाई जानने के इच्छा से उस व्यक्ति को राजा ने अपने साथ सुलाया। दिन राजा की व्यस्तता ऐसी बढ़ी कि राजा शाम तक भोजन दूसरे  नही कर सका। इस बात से क्रुद्ध होकर राजा ने उसे तत्काल फाँसी का दण्ड देने का का ऐलान कर दिया। आखिरी इच्छा के अंतर्गत उस व्यक्ति ने कहा- 'राजन ! मेरा मुँह देखने से आप को शाम तक भोजन नही मिला, आप का मुँह देखने से मुझे मौत मिलने वाली है। किन्तु - ही लज्जित राजा को सन्त वाणी याद आ गई। सुनते इतना देखण मैं चला , बुरा न मिलया कोय। बुरा जो जो दिल खोजा आपणा , मुझ से बुरा न कोय। । जय जय श्री राधे ७० - ShareChat