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BodhDiwas_Of_SantGaribdasJi आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज का जन्म धनखड़ जाट परिवार में वैशाख के उत्तरार्ध की पूर्णिमा के दिन सन् 1717 ई. (विक्रमी संवत 1774) में ग्राम छुड़ानी, जिला झज्जर, हरियाणा में हुआ था। जब आदरणीय गरीबदास जी 10 वर्ष की आयु के थे, #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - (11 01102 (iuut जिला झज्जर, हरियाणा में जन्मे संत गरीबदास जी॰को परमेश्वर छुड़ानी  ग्राम कबीर साहिब जी जिंदा बाबा रूप में सतलोक से आकर विक्रमी सवत् १७८४, सन् १७२७ में फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष को मिले थे। इसीलिए संत /49 गरीबदास जी ने कहा हैः सतगुरु साहेव की॰ हरि आए हरियाणे नूँ।  सर्व कला 4g3177 उन्हीं परमेश्वर के अवतार संत रामपाल जी का अवतरण हरियाणा प्रात है जिनके विषय में आदरणीय संत गरीबदास जी ने अपनी अमरवाणी में कहा हैः पूर्व पश्चिम उत्तर दक्षिण, क्यों फिरदा दाणें दाणें नू। की हरि आए हरियाणे नू।। सर्व कला सतगुरु साहेव (11 01102 (iuut जिला झज्जर, हरियाणा में जन्मे संत गरीबदास जी॰को परमेश्वर छुड़ानी  ग्राम कबीर साहिब जी जिंदा बाबा रूप में सतलोक से आकर विक्रमी सवत् १७८४, सन् १७२७ में फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष को मिले थे। इसीलिए संत /49 गरीबदास जी ने कहा हैः सतगुरु साहेव की॰ हरि आए हरियाणे नूँ।  सर्व कला 4g3177 उन्हीं परमेश्वर के अवतार संत रामपाल जी का अवतरण हरियाणा प्रात है जिनके विषय में आदरणीय संत गरीबदास जी ने अपनी अमरवाणी में कहा हैः पूर्व पश्चिम उत्तर दक्षिण, क्यों फिरदा दाणें दाणें नू। की हरि आए हरियाणे नू।। सर्व कला सतगुरु साहेव - ShareChat