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#🧒मेरा बचपन
🧒मेरा बचपन - तिनके तिनके में बिछड़ते चले गये. तनहाई की गहराईयो मे उतरते चले गये. रहता था हर शाम जिन दोस्तो के साथ... एक एक करके सब के सब बिछड़ते चले गये... तिनके तिनके में बिछड़ते चले गये. तनहाई की गहराईयो मे उतरते चले गये. रहता था हर शाम जिन दोस्तो के साथ... एक एक करके सब के सब बिछड़ते चले गये... - ShareChat