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#🖋ग़ज़ल #✒ शायरी #💞Heart touching शायरी✍️ #🙏बुधवार शायरी✍️ #🙏बुधवार शायरी✍️ #📖 कविता और कोट्स✒️
🖋ग़ज़ल - ग़जले अब तेरी याद से वहशत नहीं होती मुझको ज़ख़्म खिलते हैं अज़ीयत नहीं होती मुझको अब कोई आए चला जाएं मैं ख़ुश रहता हूं अब किसी शख़्स की आदत नहीं होती मुझको ऐसा बदला हूं तेरे शहर का पानी पी कर झूठ बोलूं तो नदामत नहीं होती मुझको है अमानत में ख़यानत सो किसी की खातिर कोई मारता है तो हैरत नहीं होती मुझको ~siddiqui_ @11_8_ ग़जले अब तेरी याद से वहशत नहीं होती मुझको ज़ख़्म खिलते हैं अज़ीयत नहीं होती मुझको अब कोई आए चला जाएं मैं ख़ुश रहता हूं अब किसी शख़्स की आदत नहीं होती मुझको ऐसा बदला हूं तेरे शहर का पानी पी कर झूठ बोलूं तो नदामत नहीं होती मुझको है अमानत में ख़यानत सो किसी की खातिर कोई मारता है तो हैरत नहीं होती मुझको ~siddiqui_ @11_8_ - ShareChat