#शहीद झलकारी बाई
“झलकारी की झलक देखकर वो बुन्देले भी हांफ गए जब उतरी वो समरभूमि में गौरे भी थर-थर कांप गए!”
— झलकारी बाई (22 नवंबर 1830 – 4 अप्रैल 1858)
अदम्य साहस और पराक्रम की प्रतीक, राष्ट्रनिष्ठा की अमिट मिसाल महान वीरांगना “झलकारी बाई जी” के 168वीं बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि !
उन्होंने अद्वितीय रणनीति और वीरता का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व अर्पित किया। उनका जीवन नारी शक्ति, स्वाभिमान और राष्ट्रनिष्ठा का उज्ज्वल उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।
#विरांगना झलकारी बाई को कोटि-कोटि नमन 🙏🌹🤲🌅🎂 #झलकारी बाई पुण्यतिथि #झलकारी बाई #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान


