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#🎭Whatsapp status #🤘टाईमपास😝 #📝कविता / शायरी/ चारोळी
🎭Whatsapp status - नर्तकी का श्राप खेत के पास वाला वो सूखा कुआँ अक्सर सुनाई देती है घुँघरुओं की आवाज़ा जहाँ सन्नाटे को चीरती चो छन छन की छनक खोल देती है गहरे दफ़न राज़। बेलों की झाड़ियों ने उसे घेरे रखा है जैसे किसी केदी को ज़ंजीरों ने जकड़ा है। इंसानी आहट रुक जाती हे॰ a आवाज के पीछे छुप  जैसे कोई रूह झाड़ियों  আনী ষ1 जो भी गया उस कुएँ की मुंडेर के पास लौट के आई बस उसकी आखिरी साँस। गहरा काला अँधेरा उसे भीतर खींँचता हैे॰ कोई अदृश्य हाथ जैसे गला दबोचता है। हवा में घुली है एक अजीब सी महक और कानों में गूँजती है वो पायल की छनक। वो नर्तकी नहीं, वो कोई प्यासा साया हे जिसने बरसों से इस खेत को डराया है। जाते हैं कदम जब कुआँ करीब आता है, जम इंसान तो क्या, यहाँ सवेरा भी आने से डरता हे। वो श्राप हैे उस पायल का, जो आज भी है उस कुएँ की कोख में दफन, एक उसकी कहानी है Amulya spoem Your uote.in नर्तकी का श्राप खेत के पास वाला वो सूखा कुआँ अक्सर सुनाई देती है घुँघरुओं की आवाज़ा जहाँ सन्नाटे को चीरती चो छन छन की छनक खोल देती है गहरे दफ़न राज़। बेलों की झाड़ियों ने उसे घेरे रखा है जैसे किसी केदी को ज़ंजीरों ने जकड़ा है। इंसानी आहट रुक जाती हे॰ a आवाज के पीछे छुप  जैसे कोई रूह झाड़ियों  আনী ষ1 जो भी गया उस कुएँ की मुंडेर के पास लौट के आई बस उसकी आखिरी साँस। गहरा काला अँधेरा उसे भीतर खींँचता हैे॰ कोई अदृश्य हाथ जैसे गला दबोचता है। हवा में घुली है एक अजीब सी महक और कानों में गूँजती है वो पायल की छनक। वो नर्तकी नहीं, वो कोई प्यासा साया हे जिसने बरसों से इस खेत को डराया है। जाते हैं कदम जब कुआँ करीब आता है, जम इंसान तो क्या, यहाँ सवेरा भी आने से डरता हे। वो श्राप हैे उस पायल का, जो आज भी है उस कुएँ की कोख में दफन, एक उसकी कहानी है Amulya spoem Your uote.in - ShareChat