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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - तुम लक्ष्मण नहीं हो ,जो तुम्हारे पास हनुमान हों.. तुम्हें अपने दर्द की दवा ख़ुद ढूंढनी पड़ेगी.. ! तुम लक्ष्मण नहीं हो ,जो तुम्हारे पास हनुमान हों.. तुम्हें अपने दर्द की दवा ख़ुद ढूंढनी पड़ेगी.. ! - ShareChat