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#सुविचार
सुविचार - यूँ ही नहीं मिलती मंज़िल॰ हर राह पर चलना पडता है, हर आंसू को पोँछकर. . खुद को ही सम्भलना पड़ता है आसान नहीं होती उड़ान कभी॰ हौसलों को बुलंद करना पड़ता है, सपनों की खातिर अक्सर. सब कुछ दाँव पर रखना पड़ता  है।। Mukesh यूँ ही नहीं मिलती मंज़िल॰ हर राह पर चलना पडता है, हर आंसू को पोँछकर. . खुद को ही सम्भलना पड़ता है आसान नहीं होती उड़ान कभी॰ हौसलों को बुलंद करना पड़ता है, सपनों की खातिर अक्सर. सब कुछ दाँव पर रखना पड़ता  है।। Mukesh - ShareChat