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#दर्दनाक #मौत
दर्दनाक - कर्ज से दबे दो किसान ন भाइयों ट्रेन के आगे कूदकर की खुदकुशी पंजाब के फरीदकोट में मातम , २५ लाख के कर्ज से थे परेशान कोटकपूरा। पंजाब के फरीदकोट जिले में कर्ज  आत्महत्या करने वाले दोनों भाई। से परेशान दो किसानों ने आत्महत्या कर ली। हरीनौ गांव के किसान जसकरण सिंह ( ३८ ) महीने पहले उन्होंने चार मरला जमीन बेचकर २५ लाख रुपये का कर्ज चुका दिया था, लेकिन  और उसके छोटे भाई जसविंदर सिंह उर्फ जोरा ( ३४ ) सोमवार को गांव ढाब ब्राह्मण वाला के अब भी २५ लाख रुपये बकाया थे। इसके अलावा नौ महीने पहले खरीदे गए ट्रैक्टर की पास सुबह १०३३० बजे एक-्दूसरे का हाथ किस्तें भी चल रही थीं। इसी बीच, उनकी उम्मीद थामकर छिंदवाड़ा एक्सप्रेस के आगे कूद गए।  बलवीर सिंह की आठ संतानों में छह बेटियों का सहारा रही आलू की फसल खराब हो गई। के बाद ये दोनों बेटे पैदा हुए थे। परिवार के पास ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से दोनों भाई परेशान थे और किसी से ज्यादा बात नहीं एक एकड़ से भी कम जमीन थी। दोनों भाई ठेके कर रहे थे। जसकरण अपने पीछे पत्नी और 6 पर जमीन लेकर गुजर-्बसर कर रहे थे। दोनों की शादियां हो चुकी थीं। लगातार फसल खराब  साल की बेटी और जसविंदर पत्नी और 4 साल होने और बहनों की शादियों के चलते उन पर की बेटी को छोड़ गए। उनके बुजुर्ग माता-पिता करीब ५० लाख रुपये का कर्ज हो गया था। तीन भी बेसहारा हो गए हैं। कर्ज से दबे दो किसान ন भाइयों ट्रेन के आगे कूदकर की खुदकुशी पंजाब के फरीदकोट में मातम , २५ लाख के कर्ज से थे परेशान कोटकपूरा। पंजाब के फरीदकोट जिले में कर्ज  आत्महत्या करने वाले दोनों भाई। से परेशान दो किसानों ने आत्महत्या कर ली। हरीनौ गांव के किसान जसकरण सिंह ( ३८ ) महीने पहले उन्होंने चार मरला जमीन बेचकर २५ लाख रुपये का कर्ज चुका दिया था, लेकिन  और उसके छोटे भाई जसविंदर सिंह उर्फ जोरा ( ३४ ) सोमवार को गांव ढाब ब्राह्मण वाला के अब भी २५ लाख रुपये बकाया थे। इसके अलावा नौ महीने पहले खरीदे गए ट्रैक्टर की पास सुबह १०३३० बजे एक-्दूसरे का हाथ किस्तें भी चल रही थीं। इसी बीच, उनकी उम्मीद थामकर छिंदवाड़ा एक्सप्रेस के आगे कूद गए।  बलवीर सिंह की आठ संतानों में छह बेटियों का सहारा रही आलू की फसल खराब हो गई। के बाद ये दोनों बेटे पैदा हुए थे। परिवार के पास ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से दोनों भाई परेशान थे और किसी से ज्यादा बात नहीं एक एकड़ से भी कम जमीन थी। दोनों भाई ठेके कर रहे थे। जसकरण अपने पीछे पत्नी और 6 पर जमीन लेकर गुजर-्बसर कर रहे थे। दोनों की शादियां हो चुकी थीं। लगातार फसल खराब  साल की बेटी और जसविंदर पत्नी और 4 साल होने और बहनों की शादियों के चलते उन पर की बेटी को छोड़ गए। उनके बुजुर्ग माता-पिता करीब ५० लाख रुपये का कर्ज हो गया था। तीन भी बेसहारा हो गए हैं। - ShareChat