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#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - ShareChat @hayate zindagi रोजा किसने रखा और क्यों रखा था !! सबसे पहले में सबसे पहला रोजा हजरत आदम दुनिया अलैहिस्सलाम ने तब रखा था. जब उन्होंने शैतान के बरगलाने पर पेड़ का वह फल खा लिया, जिसे अल्लाह ने मना किया था. जब उनसे गलती हुई और उन्हें जन्नत से निकालकर धरती पर भेजा गया. यहां उन्होंने कई सालों तक खुदा से माफी मांगी , उन्हें अल्लाह ने उस गलती की माफी दी और उन्हें रोजा रखने को कहा. तब हज़रत आदम अलैहिस्सलाम लिए ने तौबा और माफी के रोजे रखे थे। तो उन्होंने अल्लाह से माफी माँगी , इबादत की और सब्र किया। रोज़ा उसी सब्र, तौबा और अल्लाह की तरफ़ लौटने की एक खूबसूरत मिसाल माना जाता है। ShareChat @hayate zindagi रोजा किसने रखा और क्यों रखा था !! सबसे पहले में सबसे पहला रोजा हजरत आदम दुनिया अलैहिस्सलाम ने तब रखा था. जब उन्होंने शैतान के बरगलाने पर पेड़ का वह फल खा लिया, जिसे अल्लाह ने मना किया था. जब उनसे गलती हुई और उन्हें जन्नत से निकालकर धरती पर भेजा गया. यहां उन्होंने कई सालों तक खुदा से माफी मांगी , उन्हें अल्लाह ने उस गलती की माफी दी और उन्हें रोजा रखने को कहा. तब हज़रत आदम अलैहिस्सलाम लिए ने तौबा और माफी के रोजे रखे थे। तो उन्होंने अल्लाह से माफी माँगी , इबादत की और सब्र किया। रोज़ा उसी सब्र, तौबा और अल्लाह की तरफ़ लौटने की एक खूबसूरत मिसाल माना जाता है। - ShareChat