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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - २६ फ़रवरी इश्क़ की नासमझी में हम अपना सबकुछ गंवा बैठे उन्हें खिलौने की जरूरत थी और हम अपना दिल थमा बैठे sandeep Ahuja २६ फ़रवरी इश्क़ की नासमझी में हम अपना सबकुछ गंवा बैठे उन्हें खिलौने की जरूरत थी और हम अपना दिल थमा बैठे sandeep Ahuja - ShareChat