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#shabe Barat Mubarak Ho bhai #shabe barat 🤲🏻🕋
shabe Barat Mubarak Ho bhai - cy शबे बारात की नफ़ल नमाजे नफ़ल तहय्यतुल वज़ू पढ़िए। तरकीबः हर रकात में अल्हम्द के  ३ बार कुलहुवल्लहु अहद। फजीलतः बाद ] बार आयतल कुर्सी हर कतरह पानी के बदले ७०० रकात नफ़ल का सवाव मिलेगा।  २ रकात तरकीबः हर रकात में अल्हम्द के बाद ] बार आयतल कुर्सी १५ बार अहद सलाम के बाद १०० बार दरूद शरीफ़। ক্ক্ীলম্ন: হীলবব  में बरकत होगी , रंज व ग़म से नजात की फजीलतः गुनाहों " बख्शीश और मगफिरत होगी োন तरकीबः (दो दो करके) हर रकात में अल्हम्द के बाद 5 बार कुलहुवल्लहु अहद। फजीलतः से पाक व साफ होगा, गुनाहों  दुआएं कुबूल होंगी, सवावे अजीम होगा।  १२ रकात (दो दो करके) तरकीबः हर रकात में अल्हम्द के बाद १० बार  कुलहुवल्लहु अहद १२ रकात पढने के बाद १० बार कलमाए तोहीद  कलमाए तमजीद १० बार दरूद शरीफ़ा बार 10 १४ रकात एक सलाम से) तरकीबः रकात में अल्हम्द के बाद ५० बार से ऐसे पाक हो जाएगा  फजीलतः TTI6t कुलहुवल्लाहु अहद  पैदा हुआ " जैसे अभी मां के पेट से हो। रकात (एक सलाम से) तरकीबः हर रकात में अल्हम्द के बाद ]l बार फातेमातुज  कुलहुवल्लाहु अहद इसका सवाब खातूने जन्नत हज़रत  जोहरा रदी अल्लाहू तआला अन्हा को नज़र करे। फजीलतः आप  फरमाती हें कि नमाज़ पढ़ने वाले की शफ़ाआत किए बिना जन्नत में नहीं  रखूंँगी  कदम miss shagufta wasilah cy शबे बारात की नफ़ल नमाजे नफ़ल तहय्यतुल वज़ू पढ़िए। तरकीबः हर रकात में अल्हम्द के  ३ बार कुलहुवल्लहु अहद। फजीलतः बाद ] बार आयतल कुर्सी हर कतरह पानी के बदले ७०० रकात नफ़ल का सवाव मिलेगा।  २ रकात तरकीबः हर रकात में अल्हम्द के बाद ] बार आयतल कुर्सी १५ बार अहद सलाम के बाद १०० बार दरूद शरीफ़। ক্ক্ীলম্ন: হীলবব  में बरकत होगी , रंज व ग़म से नजात की फजीलतः गुनाहों " बख्शीश और मगफिरत होगी োন तरकीबः (दो दो करके) हर रकात में अल्हम्द के बाद 5 बार कुलहुवल्लहु अहद। फजीलतः से पाक व साफ होगा, गुनाहों  दुआएं कुबूल होंगी, सवावे अजीम होगा।  १२ रकात (दो दो करके) तरकीबः हर रकात में अल्हम्द के बाद १० बार  कुलहुवल्लहु अहद १२ रकात पढने के बाद १० बार कलमाए तोहीद  कलमाए तमजीद १० बार दरूद शरीफ़ा बार 10 १४ रकात एक सलाम से) तरकीबः रकात में अल्हम्द के बाद ५० बार से ऐसे पाक हो जाएगा  फजीलतः TTI6t कुलहुवल्लाहु अहद  पैदा हुआ " जैसे अभी मां के पेट से हो। रकात (एक सलाम से) तरकीबः हर रकात में अल्हम्द के बाद ]l बार फातेमातुज  कुलहुवल्लाहु अहद इसका सवाब खातूने जन्नत हज़रत  जोहरा रदी अल्लाहू तआला अन्हा को नज़र करे। फजीलतः आप  फरमाती हें कि नमाज़ पढ़ने वाले की शफ़ाआत किए बिना जन्नत में नहीं  रखूंँगी  कदम miss shagufta wasilah - ShareChat