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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - eदिनों में यमलोक Shar Chat है आत्मा पहुंचती 1.कहा जाता है कि अंधेरे और तपते हुए मार्ग से के बाद आत्मा को वैतरणी नदी तक पहुँचना गुजरने पड़ता है। २.यह नदी साधारण नहीं मानी जाती इसमें गर्म जल मवाद और मांस होने का वर्णन मिलता है। रक्त ३.व्यक्ति ने जीवन में जितने पाप किए होते हैं, उतनी ही पीड़ा उसे इस नदी को पार करने में सहनी  பளி है। ४.इस मार्ग और नदी को पार कर आत्मा ४७वें दिन यमलोक पहुँचती है। बुरे कर्म करने वालों को वहाँ से नरक लोक की 5 ओर भेज दिया जाता है। ६. जबकि अच्छे और पुण्य कर्म करने वाली आत्माएँ पितृलोक को प्राप्त होती हैं। हे प्रभु उसकी किस्मत अचानक चमक जाए जो आज सच्चे मन से श्जय श्री कृष्णा " लिखकर फॉलो करे। eदिनों में यमलोक Shar Chat है आत्मा पहुंचती 1.कहा जाता है कि अंधेरे और तपते हुए मार्ग से के बाद आत्मा को वैतरणी नदी तक पहुँचना गुजरने पड़ता है। २.यह नदी साधारण नहीं मानी जाती इसमें गर्म जल मवाद और मांस होने का वर्णन मिलता है। रक्त ३.व्यक्ति ने जीवन में जितने पाप किए होते हैं, उतनी ही पीड़ा उसे इस नदी को पार करने में सहनी  பளி है। ४.इस मार्ग और नदी को पार कर आत्मा ४७वें दिन यमलोक पहुँचती है। बुरे कर्म करने वालों को वहाँ से नरक लोक की 5 ओर भेज दिया जाता है। ६. जबकि अच्छे और पुण्य कर्म करने वाली आत्माएँ पितृलोक को प्राप्त होती हैं। हे प्रभु उसकी किस्मत अचानक चमक जाए जो आज सच्चे मन से श्जय श्री कृष्णा " लिखकर फॉलो करे। - ShareChat