बिहारी माटी के लाल और शिक्षा के अलख जगाने वाले अरवल जिला के ओझाविगहा गांव के पूर्व प्रधानाध्यापक स्वर्गीय जतीराज ओझा जी के धर्मपत्नी विद्यावती देवी के श्राद्ध कर्म श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। आयोजन महज एक कर्मकांड ना , बल्कि एक ममतामयी मां के विदाई में पूरा गांव के उमंग प्यार के गवाह बना रहा।कार्यक्रम के शुरुआत में पूर्व जिला परिषद सदस्य रामाशंकर दुबे जी ने स्वर्गीय विद्यावती देवी के तैलीय चित्र पर पुष्प अर्पित किया। उनके पुत्र शिक्षक अरुण ओझा, बबलु ओझा, और पोता नीरज ओझा व धीरज ओझा भावुक मन से श्रद्धांजलि अर्पित किया। रामाशंकर दुबे जी ने कहा कि विद्यावती देवी जैसे धर्मपरायण महिला के कमी पूरा समाज के खली।
श्राद्ध कर्म के गरिमा के बना के रखने के लिए एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन किया गया। गायक लव कुमार के द्वारा प्रस्तुती भजन और निर्गुण संगीत से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। संगीत के माध्यम से जीवन के सत्य और आत्मा के शांति के संदेश दिया गया, भजन के सुन के मौजूद लोगों के आंख में आंशु आ गया।ग्रामीणों की भारी मौजूदगी
एह दुखद घड़ी में ओझाविगहा और आसपास के गांव के सैकड़ों लोग उपस्थित रहें। गांव के हर बुजुर्ग और जवान ओझा परिवार के साथ खड़ा नजर आए। आयोजन में शांति और व्यवस्था बना के राखे में ग्रामीण के बड़ा योगदान रहा। सब लोगों ने दिवंगत आत्मा के शांति के लिए प्रार्थना किया और परिवार के ढांढस बंधाया। उक्त कार्यक्रम में पुत्री पुष्पा देवी,मंटु देवी,मुनी देवी,अरबींद ओझा,मुना ओझा,पंकज ओझा, धर्मेंद्र ओझा,बंकटेश पांडे, मुरारी ओझा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। #गया की खबरें


