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Rekha Jha - Author on ShareChat
Rekha Jha
444 views • 2 days ago
#🪔जया पार्वती व्रत🙏 💮 #moj_content #❤️Love You ज़िंदगी ❤️

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  • yogita - Author on ShareChat
    yogita
    #🪔जया पार्वती व्रत🙏 💮 #🛕शिव मंदिर🪔
    जया पार्वती व्रत, शिव मंदिर
    14
    6
  • しV㉫शिकारी - Author on ShareChat
    ❤️し✿V㉫💋शिकारी❤️
    #🪔जया पार्वती व्रत🙏 💮 #🙏शिव पार्वती #🪔सावन का पवित्र महीना 🙏 #🛕शिव मंदिर🪔 #🪔गौरी व्रत मुहूर्त और पूजा विधि 🙏
    जया पार्वती व्रत, शिव पार्वती
    8
    24
  • Anshika Tiwari - Author on ShareChat
    Anshika Tiwari
    #🪔जया पार्वती व्रत🙏 💮
    ٩، ٦ ٩، ٦
    13
    13
  • Radhe Radhe - Author on ShareChat
    Radhe Radhe 🌹🌹🌹
    #🙏शिव पार्वती #🪔जया पार्वती व्रत🙏 💮
    शिव पार्वती, जया पार्वती व्रत
    6
    7
  • _pg_♡ - Author on ShareChat
    _pg_♡
    #💐 गोरी व्रत की शुभकामनाएं🪔 इसका महत्व 🪷
    गौरी व्रत सौभाग्य , सुख और उत्तम जीवनसाथी के लिए विशेष व्रत गौरी ब्रत क्या है? गौरी ब्रत की मान्यता पार्वती ने कठोर तप करके भगवान गौरी व्रत भगवान शिव की अर्धार्मिनी সানা माता पार्वती ( गौरी) को समर्पित व्रत है।  शिव को पति के रुप में प्राप्त किया था। उनकी कृपा से कुंवारी कन्याओं को : कुंवारी कन्याऐँ अच्छे यह व्रत मुख्यतः मनचाहा और योग्य वर मिलता हैं। जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए रखती हैं विवाहित महिलाओं के दाम्पत्य जीवन विवाहित महिलाएँ अपने पति को लंबी में प्रेम , शांति और सुख बना रहता है। आयु और सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए परिवार में खुशहाली, समृद्धि और भी रखती हैं।  सौभाग्य की प्राप्ति होती है। माता गौरी गौरी ब्रत की पूजा विधि गौरी ब्रत कब रखा जाता है? प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। यह ब्रत साल में दो बार रखा जाता है माता गौरी (पार्वती) की मूर्ति/चित्र स्थापित करें। फाल्गुन माह में (होली से रोली, चाबल, फूल धूप, दीप, नैवेय् अर्पित करें।  (हरितात्का तीज के पहले) সাম স  সানতা : गौरी व्रत कथा का पाठ करें। कुछ स्थानों पर यह व्रत चैत्र मास में भी फूल या साचिक भोजन का भोग लगाऐँ।  फल रखा जाता है। सभी में बॉँटें और आशीर्वाद लें। সমান गौरी ब्रत में क्या खाऐं? गौरी ब्रत के लाभ सिंघांडे का आटा फल मचाना साबूयाना दूध, दही, सूखे भेवे मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है। सेंधा नमक का प्रयोग करे। लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन से परहेज कररे। दांपत्य जीवन में मधुरता आती है। गौरी ब्रत क्यों रखना चाहिए? और समृद्धि रहती है। परिवार में खुशहाली  अच्छे ओर योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए। पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए। आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।  दांपत्य जीवन में प्रेम और समझ बढ़ाने के लिए। স মুম परिवार शांति और समृद्धि के लिए। मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सुख समृद्धि लाने के लिए। गौरी व्रत हमें धैर्य, समर्पण, प्रेम और विश्वास पार्वत्त्यै नमः সন কা की शक्ति सिखाता है। यह व्रत हमारे जीवन माता गौरी की कृपा आप सभी पर बनी रहे।  মনথ को खुशहाल और सफल बनाने में मदद करता है। गौरी व्रत सौभाग्य , सुख और उत्तम जीवनसाथी के लिए विशेष व्रत गौरी ब्रत क्या है? गौरी ब्रत की मान्यता पार्वती ने कठोर तप करके भगवान गौरी व्रत भगवान शिव की अर्धार्मिनी সানা माता पार्वती ( गौरी) को समर्पित व्रत है।  शिव को पति के रुप में प्राप्त किया था। उनकी कृपा से कुंवारी कन्याओं को : कुंवारी कन्याऐँ अच्छे यह व्रत मुख्यतः मनचाहा और योग्य वर मिलता हैं। जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए रखती हैं विवाहित महिलाओं के दाम्पत्य जीवन विवाहित महिलाएँ अपने पति को लंबी में प्रेम , शांति और सुख बना रहता है। आयु और सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए परिवार में खुशहाली, समृद्धि और भी रखती हैं।  सौभाग्य की प्राप्ति होती है। माता गौरी गौरी ब्रत की पूजा विधि गौरी ब्रत कब रखा जाता है? प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। यह ब्रत साल में दो बार रखा जाता है माता गौरी (पार्वती) की मूर्ति/चित्र स्थापित करें। फाल्गुन माह में (होली से रोली, चाबल, फूल धूप, दीप, नैवेय् अर्पित करें।  (हरितात्का तीज के पहले) সাম স  সানতা : गौरी व्रत कथा का पाठ करें। कुछ स्थानों पर यह व्रत चैत्र मास में भी फूल या साचिक भोजन का भोग लगाऐँ।  फल रखा जाता है। सभी में बॉँटें और आशीर्वाद लें। সমান गौरी ब्रत में क्या खाऐं? गौरी ब्रत के लाभ सिंघांडे का आटा फल मचाना साबूयाना दूध, दही, सूखे भेवे मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है। सेंधा नमक का प्रयोग करे। लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन से परहेज कररे। दांपत्य जीवन में मधुरता आती है। गौरी ब्रत क्यों रखना चाहिए? और समृद्धि रहती है। परिवार में खुशहाली  अच्छे ओर योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए। पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए। आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।  दांपत्य जीवन में प्रेम और समझ बढ़ाने के लिए। স মুম परिवार शांति और समृद्धि के लिए। मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सुख समृद्धि लाने के लिए। गौरी व्रत हमें धैर्य, समर्पण, प्रेम और विश्वास पार्वत्त्यै नमः সন কা की शक्ति सिखाता है। यह व्रत हमारे जीवन माता गौरी की कृपा आप सभी पर बनी रहे।  মনথ को खुशहाल और सफल बनाने में मदद करता है।
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